The Lallantop

उत्तराखंड में पीएम आवास योजना-ग्रामीण ने पकड़ी रफ्तार, 39,815 परिवारों को मिली पक्की छत

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो साल 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं.

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • उत्तराखंड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए हैं और विभिन्न जनपदों में आवास निर्माण की संख्या विभिन्न है।
  • प्राथमिक कारण यह है कि उत्तराखंड के कई ग्रामीण इलाके बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों से भरे हुए हैं, जिन्हें पक्के घर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना 2016 में शुरू की गई थी।
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को अनुदान राशि, किचन सामग्री के लिए बढ़ाई गई धनराशि, शौचालय निर्माण सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण आवासीय सुविधा में सुधार होगा।

उत्तराखंड के गांवों में जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार काम कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के आंकड़ों पर ही नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है. इनमें सर्वाधिक 4882 आवास ऊधमसिंह नगर जनपद में बने हैं, जबकि हरिद्वार में 4493 और रुद्रप्रयाग जनपद में 4032 परिवारों का पक्की छत का सपना साकार हुआ है.

Advertisement

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं. इसके लिए वो प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और ग्रामीण के तहत अधिक से अधिक आवासों की स्वीकृति के लिए लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी करते रहे हैं. और इसी का परिणाम रहा है कि जहां एक तरफ पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है. वहीं पीएम आवास योजना ग्रामीण में भी राज्य लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है.

पीएम आवास योजना ग्रामीण 

वर्ष 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य सभी बेघर, कच्चे और जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है. योजना के तहत लाभार्थी को प्रति आवास एक लाख 30 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजी जाती है. साथ ही बीबी रामजी योजना का लाभ भी लाभार्थी को दिया जाता है.

Advertisement
किस जनपद में कितने आवास

जनपद       आवास
चमोली   -    3900             
पिथौरागढ़  - 3386              
पौड़ी    -       3195              
उत्तरकाशी  - 3057              
देहरादून   -   2839              
चंपावत    -   2789             
बागेश्वर   -    2279             
टिहरी     -    2134              
नैनीताल  -  1480             
अल्मोड़ा  -  1349            

किचन सामग्री के लिए धनराशि बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत वर्ष 2022-23 से प्रति लाभार्थी किचन सामग्री बर्तन खरीद के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता धनराशि 05 हजार से बढ़ाकर ₹06 हजार की गई है.

ये भी पढ़ें: सपा के राज्यसभा उम्मीदवार ने पीएम मोदी की भर-भर तारीफ की, अखिलेश यादव उखड़ गए होंगे

Advertisement
शौचालय निर्माण के लिए मिलते हैं ₹12 हजार

स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए मनरेगा/स्वजल से ₹12 हजार की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है. इसके अलावा स्वयं के आवास के लिए 95 दिन की मजदूरी बीबी रामजी योजना से दी जा रही है. इसके साथ ही पेयजल सुविधा, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन की सुविधा भी दी जा रही है.

इन विकास कार्यों को लेकर सीएम धामी का कहना है, “हमारी सरकार हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. योजना ने हजारों ग्रामीणों का पक्की छत का सपना साकार किया है.”

वीडियो: अखिलेश-राहुल से क्यों नाराज हैं, राजीव राय ने दोनों नेताओं पर क्या खुलासा किया?

Advertisement