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पैलेट गन विवाद: CRPF चीफ ने संभाला मोर्चा, जवानों को दिया भरोसा, 'निडर होकर ड्यूटी करें, मैं हूं न...'

दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में पैलेट गन चलाने पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) विवादों में है. CRPF के महानिदेशक (DG) ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने जवानों का समर्थन किया है. उन्होंने जवानों को निडर होकर ड्यूटी करने का संदेश दिया.

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CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (बाएं) (PHOTO- India Today)

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  • CRPF के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने जवानों से कहा कि वे निडर होकर अपनी ड्यूटी निभाएं और उनकी कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगे, जो 27 जुलाई को स्थापना दिवस समारोह में कहा गया।
  • 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP के ‘संसद चलो’ मार्च में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई, जिसमें RAF द्वारा आंसू गैस, लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
  • CRPF ने दिल्ली प्रोटेस्ट में पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच शुरू की है, जिसमें सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स की जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की यूनिट ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ (RAF) लगातार सवालों के घेरे में है. RAF पर सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया? इस बीच CRPF ने अपने जवानों के समर्थन में एक बयान जारी किया है. CRPF के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों से कहा कि वे निडर होकर ड्यूटी करते रहें.

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क्या बोले CRPF DG?

27 जुलाई को CRPF के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए डीजी जीपी सिंह ने कहा, 

"अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते हुए आप जो भी फैसले लेंगे या कार्रवाई करेंगे, उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं. निडर होकर अपनी ड्यूटी करते रहें. अपनी जिम्मेदारियां निभाने में कोई हिचकिचाहट न दिखाएं. जहां भी जिम्मेदारी या जवाबदेही लेने की जरूरत होगी, CRPF के डायरेक्टर जनरल के तौर पर मैं उसे लूंगा."

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जवानों को DG का समर्थन

CRPF के डीजी का यह बयान एक बड़े विवाद के बीच आया है. दरअसल, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने 'संसद चलो' मार्च निकाला था. इस मार्च में प्रदर्शनकारी छात्र पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. संसद की तरफ बढ़ते समय छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई.  इसके बाद भीड़ को रोकने के लिए पुलिस और RAF ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया. इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. अब सुरक्षा बलों पर जरूरत से ज्यादा ताकत इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं.

‘गलत काम करने वालों को…’

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि CRPF हेडक्वार्टर ने अपने जवानों की तारीफ के लिए एक मैसेज भेजा है. मैसेज में कहा गया कि हाल ही में तैनाती के दौरान जवानों ने बहुत धैर्य और समझदारी दिखाई. हेडक्वार्टर ने भरोसा दिया है कि देश और ड्यूटी के हित में लिए गए सही फैसलों का पूरा साथ दिया जाएगा. अगर कोई जवान सही नीयत से काम करता है, तो संस्था उसके पीछे खड़ी है.

साथ ही यह भी कहा गया कि ड्यूटी में लापरवाही या गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. नियमों के उल्लंघन पर कानून के मुताबिक कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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(यह भी पढ़ें: CJP Protest में मोर्चे पर RAF, वॉटर कैनन से शॉक बैटन तक... जानें इस फोर्स की ताकत?)

पैलेट गन पर जांच शुरू

CRPF ने दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान अपने जवानों पर लगे ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों की जांच शुरू की है. यह जांच रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कर रही है. इस जांच में सोशल मीडिया के वीडियो, मीडिया रिपोर्ट्स और मौके पर मौजूद जवानों और सीनियर अधिकारियों के बयानों को खंगाला जा रहा है. जांच टीम खास तौर पर पैलेट गन और बिजली का झटका देने वाली शॉक बैटन के इस्तेमाल के आरोपों पर ध्यान दे रही है.

नियमों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करना जरूरी होता है. अगर इस शुरुआती जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो दोषी जवानों के खिलाफ एक औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (कानूनी जांच) शुरू की जाएगी.

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