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पुलिस के गांव पहुंचते ही 50-60 लोग नदी में कूदे, अब तक 2 शव बरामद, बिहार में ये क्या हुआ?

पटना के मुसहरी गांव में पुलिस अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. उसने बताया कि पहले 5 आरोपियों को छुड़ाने के लिए टीम पर हमला हुआ था. 5 अक्टूबर को दोबारा बड़ी पुलिस फोर्स पहुंची तो करीब 50-60 लोगों के पुनपुन नदी में कूदने की बात सामने आई. दो लोगों के शव बरामद हुए हैं.

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पुलिस अवैध शराब के कारोबार पर छापा मारने गई थी, लेकिन अलग ही कांड हो गया (सांकेतिक तस्वीर/COURTSEY- PTI)

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  • पटना के पिपरा थाना क्षेत्र के मुसहरी गांव में पुलिस ने अवैध शराब के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें पुलिस से छुड़ा लिया था।
  • पहले मामले में पुलिस दल पर हमला हुआ और आरोपितों को छुड़ाए जाने के कारण पुलिस ने 5 अक्टूबर को बड़ी सुरक्षा के साथ फिर से अभियान चलाया।
  • आगे की कार्रवाई में पुलिस ने 39 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 हजार लीटर अवैध शराब जब्त की तथा शराब बनाने का सामान नष्ट किया।

बिहार की राजधानी पटना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई करने आई थी. लेकिन पुलिस से बचने के लिए करीब 50-60 लोग नदी में कूद गए. दो के शव बरामद हुए हैं, जबकि अब भी कई लोग लापता हैं. 

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दरअसल इससे पहले पुलिस ने अवैध शराब का कारोबार करने वाले 5 लोगों को पकड़ा था. लेकिन स्थानीय लोगों की एक भीड़ उन्हें पुलिस से छुड़ा ले गई थी. इसके बाद जब दोबारा पुलिस टीम ज्यादा तैयारी के साथ गांव में गई तो कई संदिग्ध बचने के लिए नदी में कूद गए.

क्या है पूरी घटना?  

यह पूरी घटना पटना जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में हुई. यहां के बहिरवान चकिया स्थित मुसहरी गांव से पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया था. इन पर आरोप था कि यह लोग शराब के अवैध कारोबार में शामिल हैं. लेकिन स्थानीय लोग इन्हें छुड़ा ले गए.

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इसके बाद 5 अक्टूबर को पुलिस फिर से गांव में गई. इस बार बेहतर तैयारी के साथ ताकि पहले जैसी स्थिति न बने. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चार पुलिस स्टेशनों की टीमें और हथियारबंद पुलिस फोर्स मुसहरी गांव पहुंची ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके.

लेकिन जैसे ही गांव वालों को ये खबर लगी, वे घबरा गए. रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए करीब 50-60 लोग पुनपुन नदी में कूद गए. अगले दिन, उनमें से दो लोगों के शव बरामद किए गए. स्थानीय लोगों का दावा था कि गांव के कुछ लोग अभी भी लापता हैं.  

पुलिस ने क्या कहा? 

एक बयान में, मसौढ़ी के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर-1 (SDPO-1) राघव दयाल ने कहा कि 1 अक्टूबर को बहिरवान चकिया मुसहरी में पुलिस शराब-विरोधी अभियान चला रही थी. पुलिस टीम पर हमला होने के बाद पांच कथित शराब कारोबारियों को छुड़ा लिया गया था. उनके मुताबिक इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और मामला दर्ज किया गया था. SDPO दयाल बताते हैं कि 5 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान पुलिस टीम पर फिर से हमला हुआ और कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. 

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पुलिस के मुताबिक इस मामले में 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें कई महिलाएं भी शामि हैं. साथ ही लगभग 1 हजार लीटर अवैध देसी शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया गया है. पुलिस ने दावा किया कि महुआ से लगभग 6100 लीटर शराब बनाने का सामान नष्ट कर दिया गया है. एक आरोपी के घर से देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं.

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