पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के बाद न सिर्फ पीएम मोदी को 23 जुलाई की रात को सामने आकर जवाब देना पड़ा, बल्कि इसके एक दिन बाद मोदी कैबिनेट ने एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे पेपर लीक माफियाओं पर शिकंजा और कसेगा. यह विधेयक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए बने कानून का संशोधन है, जिसमें सजा को और कड़ा किया गया है. जुर्माने की राशि भी बढ़ाई गई है. इसके अलावा, नए कानून में पेपर लीक जैसी घटनाओं की तेजी से जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही गई है.
पीएम मोदी के लेट नाइट प्रॉमिस के बाद जो बिल आया वो पेपर लीक को रोक पाएगा?
पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी पर सख्ती बढ़ाने के लिए मोदी कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 में संशोधन वाले विधेयक को मंजूरी दी है. इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना और NTA, UPSC व SSC जैसी परीक्षाओं में धोखाधड़ी को गैर-जमानती अपराध बनाने का प्रावधान है.

लॉ ट्रेंड नाम की वेबसाइट के मुताबिक, नरेंद्र मोदी कैबिनेट से मंजूर ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 में संशोधन’ विधेयक को कैबिनेट से अप्रूव होने के बाद अब संसद में पेश किया जाएगा. वहां इस पर चर्चा होगी और इसे पास किए जाने के आगे के तरीकों को लागू किया जाएगा. ये सब हो, उससे पहले हम आपको बता देते हैं कि इस विधेयक में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं?
– सबसे पहली और अहम बात फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की है. इस बिल के ड्राफ्ट में पेपर लीक की घटनाओं की जांच के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की व्यवस्था की गई है. इससे जांच और मामले की सुनवाई तय समय में हो पाएगी.
– दूसरा है, पेपर लीक में दोषी पाए गए लोगों पर भारी जुर्माने का प्रावधान. ड्राफ्ट में कहा गया है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने में शामिल पाए जाने पर एग्जाम सर्विस प्रोवाइडर और टेस्टिंग एजेंसियों पर भी एक करोड़ रुपये तक भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा, परीक्षा कराने में जो खर्च आया है, इसे भी वसूला जा सकता है.
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– तीसरी बात सजा को लेकर है. एग्जाम का पेपर लीक या इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा लंबी जेल हो सकती है. कितने साल की, इसका सटीक नंबर अभी पता नहीं चल पाया है. 2024 के कानून में ऐसे लोगों को 3 से 10 साल की सजा दी जाती थी. बताया गया है कि नए बिल में पेपर लीक के दोषियों को कई धाराओं में लंबे कारावास की सजा हो सकती है.
– बिल की चौथी और सबसे जरूरी बात ये है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) और स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) जैसी एजेंसियों की ओर से कराई जाने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं से जुड़ी धोखाधड़ी गैर-जमानती (Non-Bailable) होगी और इसमें किसी तरह का समझौता (Non-Compoundable) नहीं कराया जा सकेगा.
बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 23 जुलाई की आधी रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक रिकॉर्डेड संदेश में कहा था कि चर्चा के आधार पर सोमवार, 27 जुलाई को पेपर लीक कानून से जुड़ा एक विधेयक पेश किया जाएगा. सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी.
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