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FATF की ग्रे लिस्ट में फिर शामिल होगा पाकिस्तान, भारत का प्लान तैयार

पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कवायद में भारत बड़ा कदम उठाने वाला है. खबर है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अगली मीटिंग में भारत पाकिस्तान को फिर से ग्रे सूची में डालने का मामला उठाएगा.

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पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डालने का मुद्दा उठाएगा भारत. (India Today)

आतंकवाद को बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहे पाकिस्तान को भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की तैयारी तेज कर दी है. IMF में कर्ज देने के विरोध के बाद अब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF की बारी है. खबर है कि भारत दुनिया के सामने पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल करने सिफारिश करने वाला है. जून में FATF की मीटिंग हो सकती है. इस मीटिंग में भारत पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव ला सकता है. 

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इंडियन एक्सप्रेस के सूत्र ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारत इसके लिए मजबूत तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करने के प्रस्ताव के लिए सबूतों के साथ डोजियर तैयार किया जा रहा है, जिसे FATF की अगली मीटिंग में पेश किया जाएगा. 

पहलगाम हमले के बाद से ही पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करने की मांग उठने लगी थी. इससे पहले पाकिस्तान को साल 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया जा चुका है. बाद में उसने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों की फंडिंग पर लगाम लगाने को लेकर एक कार्ययोजना पेश की थी, जिसके बाद 2022 में उसे ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया था.

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क्या है FATF?

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग, हथियारों और आतंकवाद के लिए फंडिंग को रोकने के लिए नियम बनाता है. यह निगरानी करता है कि देश इन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. जो देश नियम मानने में लापरवाही करते हैं, उन्हें ‘ग्रे लिस्ट’ में डाला जाता है. इसके बाद उन पर वैश्विक संस्था की निगरानी बढ़ जाती है. बहुत गंभीर मामलों में देशों को ब्लैक लिस्ट किया जाता है. 

ग्रे लिस्ट में डाले जाने के नुकसान

ग्रे लिस्ट में जाना किसी देश के लिए एक चेतावनी भी है. क्योंकि इसके बाद नियमों के उल्लंघन पर ब्लैक लिस्ट में जाने की संभावना बढ़ जाती है.  साथ ही  की ग्रे लिस्ट में डाले जाने का मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के स्तर भी बड़ा नुकसान झेलना. जो देश ग्रे लिस्ट में होते हैं, उनकी फंडिंग रोक दी जाती है. दुनिया भर की कंपनियां और निवेशक उस देश में पैसा लगाने से बचते हैं. साथ ही उस देश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से लोन लेने में भी दिक्कत होती है.

कैसे लिस्ट में शामिल होगा पाकिस्तान?

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डालने की आवेदन प्रक्रिया के लिए भारत को FATF के अन्य सदस्य देशों के सपोर्ट की जरूरत होगी. फिलहाल, FATF के 40 सदस्य हैं. FATF के कई देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की थी. 

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पाकिस्तान FATF का सदस्य नहीं है. वह इसी तरह की एक क्षेत्रीय संस्था एशिया पैसिफिक ग्रुप ऑन मनी लॉन्ड्रिंग (APG) का सदस्य है. भारत APG के साथ-साथ FATF का भी सदस्य है. 

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