The Lallantop

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के न्यूक्लियर हब पर गिरा था बम? पूर्व CDS ने बताई पूरी कहानी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स से धुआं उठने के बाद दावा हुआ था कि भारत ने उसके परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया. पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि परमाणु ठिकाने पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि रडार खोजने के लिए छोड़ा गया लोइटरिंग म्यूनिशन पहाड़ी से टकरा सकता है.

Advertisement
post-main-image
किराना हिल्स पर हमले की अटकलों को पूर्व सीडीएस ने खारिज किया है. (फोटो- India today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया, बल्कि ड्रोन बम राडार खोजने के लिए छोड़ा गया था।
  • पाकिस्तानी मीडिया में किराना हिल्स से उठते धुएं की तस्वीरें आई थीं, जिससे यह अटकलें लगाईं गईं कि भारत ने वहां के परमाणु हथियारों पर हमला किया, जबकि यह क्षेत्र पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अधीन है।
  • चौहान के बयान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ड्रोन बम टारगेट न मिलने के कारण किराना हिल्स की किसी पहाड़ी से टकराया होगा, और इसलिए उस क्षेत्र पर जानबूझकर हमला नहीं हुआ था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्या भारत ने उस जगह पर भी बम गिराए थे, जहां पाकिस्तान ने अपने परमाणु बम रखे हैं? पाकिस्तानी मीडिया में तब ऐसी तस्वीरें आई थीं, जिसमें पाकिस्तान के सैन्य रिजर्व इलाके किराना हिल्स से धुआं उठता दिखाई दे रहा था. कहा गया कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया है. अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने अटकलों के इस धुएं को छांट दिया है. उन्होंने बताया कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने को टारगेट तो नहीं किया लेकिन एक ड्रोन बम (Loitering Munition) राडार की खोज के लिए छोड़ा गया था. हो सकता है वही किराना हिल्स की किसी पहाड़ी से टकरा गया हो. 

Advertisement

किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब राज्य के सरगोधा में एक पहाड़ी श्रृंखला है. ये इलाका पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है. माना जाता है कि पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों का कुछ हिस्सा यहां स्टोर करके रखा हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी मीडिया ने इन पहाड़ियों से उठते धुएं की तस्वीरें दिखाई थीं और सवाल उठाया था कि क्या भारत ने इस संवेदनशील क्षेत्र को निशाना बनाया था?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के एक प्रोग्राम में बोलते हुए पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने इन अटकलों को साफ खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, 

Advertisement

पाकिस्तानी एयरपोर्ट्स पर हमलों से पहले हमने रडारों की खोज के लिए सरगोधा के आसपास लोइटरिंग मुनिशन्स (ड्रोन बम जैसी चीज) लॉन्च किए थे. ये ऐसा गोला-बारूद होता है जो अपने टारगेट की तलाश में लगभग दो घंटे तक हवा में रह सकता है. अगर उसे उसका टारगेट नहीं मिलता तो वह आखिर में नीचे गिर जाता है.

ये भी पढ़ेंः ईरान के निशाने पर ट्रंप के बेटे बैरन? वीडियो अमेरिकी राष्ट्रपति की नींद उड़ा देगा

उन्होंने कहा कि लोइटरिंग मुनिशन्स को टारगेट नहीं मिला होगा और वह बाद में उन पहाड़ियों में से किसी एक से टकराया होगा. इसलिए यह एक कारण हो सकता है. पाकिस्तानी मीडिया ने भी कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाईं जिनमें किराना हिल्स से धुआं निकलता दिख रहा था.

Advertisement

चौहान के बयानों से यह संकेत मिलता है कि किराना हिल्स पर हुआ कोई भी असर उस क्षेत्र या उसकी परमाणु फेसिलिटीज पर जानबूझकर किया गया हमला नहीं था.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: BPSC प्रोटेस्ट के बीच छात्रों और सरकार की बातचीत में क्या निकला?

Advertisement