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सोनम वांगचुक अनशन: उमर अब्दुल्ला ने बताया अन्ना आंदोलन में मनमोहन सरकार ने क्या किया था

सोनम वांगचुक के अनशन के 19वें दिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से उनसे बातचीत कर अनशन खत्म कराने की अपील की. उन्होंने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि तब सरकार ने बातचीत की पहल की थी.

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उमर अब्दुल्ला ने मोदी सरकार से सोनम वांगचुक का अनशन तोड़वाने की अपील की है. (फोटो- India Today)

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  • जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 19वें दिन केंद्र सरकार से अपील की कि वे वांगचुक से अनशन तोड़ने को कहें।
  • सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिससे उनकी सेहत में गिरावट आई है।
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच रोज हो और सरकारी डॉक्टरों द्वारा सुझाया गया इलाज उन्हें उपलब्ध कराया जाए।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 19वें दिन जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वो उन्हें लेकर थोड़ी सहानुभूति दिखाए और उनसे अनशन तोड़ने को कहे. अब्दुल्ला ने साल 2011 के ‘अन्ना आंदोलन’ को याद करते हुए कहा कि तब मनमोहन सरकार ने अनशन पर बैठे अन्ना हजारे से बात करने के लिए अपने मंत्रियों को भेजा था, लेकिन लंबे समय से हड़ताल पर बैठे वांगचुक को लेकर मोदी सरकार टस से मस नहीं हो रही. 

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टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार, 16 जुलाई को उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 

सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल पर बैठे कई दिन हो गए हैं. जहां तक ​​मुझे पता है, उनकी केवल एक ही मांग है. NEET परीक्षा में गड़बड़ी और परीक्षा रद्द होने से बच्चों को काफी परेशानी हुई. ऐसे में शिक्षा मंत्री या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटा दिया जाए.

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अब्दुल्ला ने हैरानी जताई कि वांगचुक की बिगड़ती हालत और काफी वजन घटने के बाद भी केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इसकी तुलना उन्होंने 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुए ‘जनलोकपाल आंदोलन’ से की. तब केंद्र में मनमोहन सिंह सरकार थी जिसने अन्ना से बातचीत करने के लिए अपने मंत्रियों को भेजा था. लेकिन लंबे समय से अनशन के बावजूद मौजूदा केंद्र सरकार वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर उदासीन नजर आ रही है. 

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अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से ‘सहानुभूति दिखाने’ की अपील की. कहा कि मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने को कहना चाहिए. राजनीति में मानवता और करुणा के लिए जगह होनी चाहिए.

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28 जून से अनशन पर हैं सोनम

बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था. उनके अनशन को 19 दिन हो गए हैं. भूख हड़ताल की वजह से उनकी सेहत में तेजी से गिरावट आई है. उनके डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि अगर अनशन जारी रहा तो सोनम के कई अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है. 

इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी किया है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान उनकी रोज मेडिकल जांच की जाए. साथ ही सरकारी डॉक्टरों जो भी ट्रीटमेंट बताएं, वह भी उन्हें उपलब्ध कराया जाए.

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