नोएडा में सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले संभव जैन केस में तमाम बड़ी बातें सामने आई हैं. पुलिस की जांच में पता चला है कि मृतक लंबे समय से डिप्रेशन में थे. पारिवारिक विवाद, बच्चे के इलाज पर हुए भारी खर्च और कर्ज समेत कई कारणों से वह परेशान चल रहे थे. जांच में पता चला कि आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. मामले के बारे में थाना सेक्टर-126 के प्रभारी सुमनेश कुमार ने जानकारी दी.
पिता से चैट में की थी डिप्रेशन और जान देने की बात, 43वीं मंजिल से कूदे संभव की कहानी आई सामने
Noida में Supernova बिल्डिंग से कूदकर जान देने वाले संभव जैन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. वह अपने ज्यादा वजन, कर्ज और बच्चे के इलाज में हो रहे खर्च से परेशान थे. उन्होंने आत्महत्या के पहले अपने पिता के साथ चैट भी की थी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि संभव की शादी 2024 में हुई थी. इसके बाद 2025 में उन्हें एक बेटा हुआ, लेकिन बच्चा प्रीमैच्योर था. समय से पहले पैदा होने की वजह से बच्चे को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी. परिजन ने बताया कि बच्चे के इलाज पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. अब भी लाखों रुपये का इलाज चल रहा है.
तलाक तक मामला बढ़ापुलिस के मुताबिक, बच्चे के जन्म के कुछ महीने बाद संभव और उनकी पत्नी के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि बात तलाक तक पहुंच गई. पत्नी ने अदालत में तलाक का मुकदमा भी दायर कर दिया. दोनों पक्षों में 15 लाख में सेटलमेंट हुआ था लेकिन पत्नी की ओर से 1 करोड़ रुपये की मांग की गई थी. इसकी करीब 7 लाख रुपये की पहली किस्त संभव की ओर से दी जा चुकी है. जबकि, दूसरी किस्त के लगभग 7.50 लाख रुपये बाकी थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, संभव पर और भी कर्ज था. इसकी वजह से भी वह परेशान थे. आत्महत्या के पहले संभव ने अपने पिता से चैट भी की थी. चैट में उसने डिप्रेशन और आत्महत्या के बारे में बातें कही थीं. साथ ही उसने अपने फोन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. पिता ने उसे घर भी बुलाया था, लेकिन वह नहीं लौटा.
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएंसंभव का वजन करीब 140 किलोग्राम बताया जा रहा है. ज्यादा वजन की वजह से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी भी कई समस्याएं थीं. वह इन सब चीजों को लेकर भी परेशान थे. सोशल मीडिया पर संभव जैन के तलाक सेटलमेंट में 3 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया जा रहा था.
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हालांकि, थाना प्रभारी सुमनेश कुमार ने इस बात को खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि परिवार से जो जानकारी मिली है, उसके तहत 15 लाख रुपये की ही बात सामने आई है. मृतक का बेटा अभी उनके परिवार के साथ ही रह रहा है.
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