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ब्रिटिश नागरिकता लेकर भी सैलरी सरकारी मदरसे से उठा रहे थे, ED ने ये करके सब वसूल लिया!

Uttar Pradesh: Enforcement Directorate ने यूपी के मदरसा टिचर के प्लॉट को जब्त कर लिया है. आरोप हैं कि शख्स ने विदेशी नागरिकता ली. बावजूद उसने सरकारी सैलरी,पेंशन और दूसरी सुविधाओं का लाभ लिया.

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ईडी ने मदरसा टिचर के प्लॉट को जब्त किया. (Courtesy- ITG)

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  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मदरसा टीचर मौलाना शम्सुल हुदा खान की 53.46 लाख की कीमत वाली 189.75 वर्ग मीटर जमीन जब्त की है, जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज है।
  • शम्सुल हुदा खान ने दिसंबर 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ग्रहण करने के बाद भी Uttar Pradesh सरकार से सैलरी, पेंशन एवं अन्य फायदे प्राप्त किए और इस दौरान उनकी सरकारी सेवा सत्यापित नहीं हुई थी।
  • जमीन जब्ती के बाद एजेंसी द्वारा आगे की जांच और कार्रवाई करने की संभावना है, जिससे आरोपी की संपत्तियों और वित्तीय मामलों पर और भी विस्तृत चर्चा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक मदरसा टीचर की 53.46 लाख की जमीन जब्त की है. ये जानकारी खुद ED की ओर से शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दी गई है. टीचर पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी प्रदेश सरकार से सैलरी, पेंशन और दूसरे फायदे लिए हैं. इसके पहले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने FIR भी दर्ज की थी. आरोपी टीचर का नाम मौलाना शम्सुल हुदा खान है. उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के साथ कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने बताया कि आरोपी का संत कबीर नगर जिले में मौजूद 189.75 वर्ग मीटर का प्लॉट जब्त कर लिया गया है. टीचर के प्लॉट को अस्थायी तौर पर जब्त किया गया है. इसकी कीमत 53.46 लाख है. ईडी के मुताबिक, आरोपी ने दिसंबर 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी लेकिन ये बात छिपाए रखी. इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ के मुबारकपुर के एक मदरसे में असिस्टेंट टीचर के तौर पर काम करना जारी रखा.

सर्विस वेरीफाई नहीं हुई

ईडी ने यह भी बताया कि शम्सुल साल 2007 से 2017 तक सरकारी रिकॉर्ड में कर्मचारी बने रहे लेकिन इस बीच उनकी सर्विस वेरीफाई नहीं हुई और वह सैलरी उठाते रहे. अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ विभाग ने भी मामले में जांच की. जांच में पाया गया कि सर्विस वेरीफाई न होने के बाद भी उन्होंने साल 2017 में रेगुलर पेंशन के साथ वॉलंटरी रिटायरमेंट ले ली थी. एजेंसी ने बताया कि शम्सुल ने सरकार से सैलरी, पेंशन, जीपीएफ और अन्य भत्तों के तहत करीब 53.46 लाख रुपये मिले हैं. 

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एजेंसी ने PMLA के तहत इस रकम को अपराध की कमाई बताया है. शम्सुल पर यह भी आरोप है कि ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी उन्होंने संत कबीर नगर में अचल संपत्ति लेने के लिए भारतीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया. इसमें भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड शामिल हैं.

189.75 वर्ग मीटर का प्लॉट जब्त

ईडी ने बताया कि आरोपी ने विदेशी नागरिकता लेने के बाद खलीलाबाद में 189.75 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीदा था. चूंकि फंड खर्च हो चुका था इसलिए आरोपी की उतनी ही कीमत की प्रॉपर्टी को जब्त कर लिया गया है. एजेंसी ने शम्सुल पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों का करीबी होने का भी आरोप लगाया है.

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आरोप है कि ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद उसे पाकिस्तान के कई आतंकवादी संगठनों की बैठकों में देखा गया था. 

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