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AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर-ऑफिस पर चला बुलडोजर, निदा खान को पनाह देने का आरोप

Nashik के TCS ऑफिस में कथित धर्मांतरण केस में Nida Khan आरोपी है. आरोप है कि निदा खान को अब्दुल मतीन पटेल ने अपने घर में शरण दी थी. अब हुए बुलडोजर एक्शन को AIMIM नेताओं ने राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है.

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आरोपी निदा खान की मदद करने के आरोपी पार्षद अब्दुल मतीन के ऑफिस-घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है (PHOTO-India Today)

नासिक के टीसीएस (TCS) ऑफिस में हुए कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी निदा खान अरेस्ट हो गई है. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी मदद करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस कड़ी में प्रशासन ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल पर कार्रवाई की है. नगर निगम ने अब्दुल मतीन पटेल के घर और ऑफिस पर बुलडोजर चलाया है. 

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निदा खान की मदद

पुलिस के मुताबिक पार्षद अब्दुल मतीन पर आरोप है कि उन्होंने निदा खान को अपने नारेगाव के कौसर पार्क इलाके वाले घर में शरण दी थी. ये शरण तब दी गई जब निदा खान TCS में सामने आए कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में फरार चल रही थी. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक नासिक पुलिस ने अब्दुल मतीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत केस दर्ज किया है. निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मतीन पटेल को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की थी.  

पार्षद के घर-ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन

नासिक पुलिस के अलावा नगर निगम ने भी पार्षद अब्दुल मतीन पर कार्रवाई शुरू कर दी है. नगर निगम का दावा है कि अब्दुल मतीन के घर और ऑफिस को नियमों के विपरीत बनाया गया है. अब्दुल मतीन को तीन दिन पहले नोटिस जारी किया गया था. तय समय सीमा पूरी होने के बाद 13 मई की सुबह नगर निगम की टीम पूरे दल-बल के साथ कार्रवाई करने पहुंची. कार्रवाई के दौरान वहां एक अलग ही नजारा देखने को मिला. इलाके की कुछ महिलाएं निगम अधिकारियों के सामने फूल लेकर पहुंचीं और उनका स्वागत किया. महिलाओं ने अधिकारियों को संविधान की प्रतियां भी भेंट कीं. उनका कहना था कि कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन कार्रवाई संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रहकर की जानी चाहिए.

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इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. AIMIM नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है. 

वीडियो: TCS नासिक केस में फरार निदा खान गिरफ्तार हुईं

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