राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 11वीं और 12वीं क्लास की पॉलिटिकल साइंस की टेक्स्टबुक तैयार करने वाली टीम को रीस्ट्रक्चर किया है. इस पैनल में 20 सदस्य हैं, जिनमें चार सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब NCERT सीनियर सेकेंडरी टेक्स्टबुक्स को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठयक्रम (NCF-SE) के हिसाब से बनाने का काम चल रहा है. नई टीम जून 2025 में बने पैनल की जगह लेगी.
NCERT की पॉलिटिकल साइंस की किताब तैयार करने वाली टीम के 4 मेंबर्स RSS से जुड़े: रिपोर्ट
NCERT) ने 11वीं और 12वीं क्लास की पॉलिटिकल साइंस की टेक्स्टबुक तैयार करने वाली टीम को रिस्ट्रक्चर किया है. 20 सदस्यों वाले इस पैनल में आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़े चार लोगों को जगह दी गई है. ये पैनल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के हिसाब से टेक्स्टबुक तैयार करेगी.

चार लोगों का RSS से जुड़ाव
NCERT के डायरेक्टर डीपी सकलानी ने 14 अगस्त को नई टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम (TDT) का नोटिफिकेशन जारी किया. प्रोफेसर संदीप शास्त्री को इस टीम का प्रमुख चुना गया है. वे बेंगलुरु स्थित Nitte डीम्ड यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट हैं. टीम में कम से कम चार लोग ऐसे हैं, जिनका आरएसएस या उससे जुड़े संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) या भारतीय जनता पार्टी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव रहा है.
यदुनाथ देशपांडे का ABVP से जुड़ाव
शिक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे को इस टीम में जगह मिली है. उनका लंबे समय तक ABVP से संगठनात्मक जुड़ाव रहा है. देशपांडे महाराष्ट्र में ABVP के संयुक्त राज्य संगठन सचिव रह चुके हैं. उन्होंने ABVP की कोंकण यूनिट में संगठन सचिव के तौर पर भी काम किया है. उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल में उनको बीजेपी का राजनीतिक सलाहकार बताया गया है.
वहीं टीम में शामिल प्रशांत दिवेकर पुणे स्थित 'ज्ञान प्रबोधिनी' संस्था से लंबे समय से जुड़े हुए हैं. 'ज्ञान प्रबोधिनी' RSS से जुड़ी एक संस्था है, जिसकी स्थापना साल 1962 में संगठन के प्रचारक विनायक विश्वनाथ ने की थी.
वंदना मिश्रा ABVP की राष्ट्रीय सचिव रही हैं
प्रोफेसर वंदना मिश्रा को भी इस टीम में जगह मिली है. वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज’ में प्रोफेसर हैं. वह ABVP की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं. इनके अलावा रवि रमेशचंद्र शुक्ला को NCERT की टीम में शामिल किया गया है. शुक्ला JNU के ‘सेंटर फॉर कंपेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी’ में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. वह इंडियन जर्नल ऑफ डेमोक्रेटिक गवर्नेंस के संपादकीय बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं. इस पत्रिका का पब्लिकेशन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप-रामभाऊ म्हालगी प्रबोधनी करता है. ये आरएसएस से जुड़ा एजुकेशनल इंस्टीट्यूट है. महाराष्ट् के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साल 2021 में इस संस्थान का अध्यक्ष बनाया गया था.
ये भी पढ़ें - 'गांधी हत्या, RSS बैन', NCERT की किताबों से और क्या-क्या हटाया गया जो आप पढ़ते थे?
टीम में और कौन कौन ?
क्लास 11 और 12 की पॉलिटिकल साइंस की टेक्स्टबुक तैयार करने वाली नई टीम में जेएनयू के प्रकाश कंडपाल, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की नीधि गुप्ता, चाणक्य यूनिवर्सिटी के चेतन सिंघी, दिल्ली यूनिवर्सिटी की सुकांशिका वत्स, इग्नू के सतीश कुमार, नेशनल लॉ स्टटी एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के दिवांशु श्रीवास्तव, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के प्रणव गुप्ता, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी के नंद किशोर और उत्कल यूनिवर्सिटी की स्वपन्ना प्रभु शामिल हैं.
वीडियो: NCERT की किताब में Mohenjo-daro की मूर्ति के साथ छेड़छाड़












