तेलंगाना में एक स्कूल प्रिंसिपल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाईं. आरोपियों की तलाश के लिए 70 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले. कई लोगों से पूछताछ की. मगर जब पुलिस को पता लगा कि आखिरी बार मृतक रूपा रेड्डी ने 'बाबू' शब्द का इस्तेमाल किया था, तब उनके शक की सुई छात्रों पर भी केंद्रित हो गई. मृतक अक्सर छात्रों को ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं.
प्रिंसिपल ने जिन छात्रों को प्यार से 'बाबू' कहा उन्होंने ही हत्या कर दी, खून में सने नोटों से ऐश कर रहे थे
Telangana school principal murder: तेलंगाना में एक स्कूल प्रिंसिपल की हत्या कथित तौर पर उनके ही दो छात्रों ने की. पुलिस ने बताया कि छात्रों ने प्रिंसिपल के घर से पैसा चुराने के लिए वारदात को अंजाम दिया.

पुलिस ने जांच शुरू की. उन्हें दो छात्र बेहिसाब पैसा खर्च करते हुए मिले. उनके पास से बरामद किए गए नोट पर खून के धब्बे भी थे. खून की जांच कराई तो यह रूपा रेड्डी का निकला. जिसके बाद पुलिस ने छात्रों को हिरासत में ले लिया.
आखिरी समय ने मृतक ने रिश्तेदार से की बातइंडिया टुडे से जुड़े अब्दुल बशीर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना नलगोंडा जिले के कोंडामाल्लेपल्ली में हुई. 50 वर्षीय रूपा रेड्डी नागार्जुन स्कूल की प्रिंसिपल थीं. 11 अगस्त को उनका मर्डर हुआ था. घटना के बाद 4 दिन तक स्कूल को बंद रखा गया.
पुलिस ने कातिलों को पकड़ने के लिए तलाश शुरू की. कई लोगों से बात की. इस दौरान पता लगा कि मृतक आखिरी समय में फोन पर अपनी एक रिश्तेदार से बात कर रही थीं. उन्होंने लास्ट टाइम फोन रखने से पहले किसी को 'बाबू' कहा था.
जिसके बाद पुलिस ने छात्रों को भी अपनी जांच के केंद्र में ले लिया. पुलिस ने 13 छात्रों से पूछताछ की. यह छात्र स्कूल खुलने के बाद से एब्सेंट थे. इनमें से पांच स्टूडेंट 10वीं कक्षा के थे. दो स्टूडेंट बेहिसाब पैसा खर्च करते हुए भी पाए गए थे. एक नाबालिग के पास से 1 लाख 54 हजार रुपये मिले थे.
पुलिस ने जब पैसों की जानकारी मांगी, तो उसने कहा कि माता-पिता ने यह पैसे दिए थे. लेकिन उन नोटों पर खून देखकर पुलिस का शक और भी बढ़ गया. उन्होंने कैश को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, जहां पता लगा कि वह खून रूपा रेड्डी का ही था.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरोपी ने हत्या से पांच दिन पहले रूपा रेड्डी के घर की रेकी की थी. उसे पता चला था कि स्कूल की फीस का कलेक्शन वहां रखा मिल सकता है. 11 अगस्त को जब रूपा रेड्डी स्कूल से घर लौटीं, तो दोनों कथित तौर पर कंपाउंड की दीवार फांदकर अंदर गए. उन्होंने मास्क लगा रखा था. लेकिन घटना को अंजाम देते समय उनमें से एक आरोपी का मास्क गिर गया. जिससे मृतक ने उनकी पहचान कर ली.
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पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने उन पर 27 बार चाकू से वार किया. फिर उनका मोबाइल फोन और कैश लेकर मौके से भाग गए. जांच में ये भी सामने आया है कि आरोपियों में से एक पहले स्कूल हॉस्टल में रहता था. उसे शराब और मोटरसाइकिल का शौक था.
रूपा रेड्डी को उसके बैग में कैश और एक फोन मिला था, जिस पर उन्होंने उसे डांटा और हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर (बिना हॉस्टल के रहने वाला छात्र) बना दिया. इसी बात से वह उनसे नाराज था. पुलिस ने बताया कि छात्र अभी नाबालिग है, इसलिए उन्हें जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया जाएगा.
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