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'वो छोड़ गया' बोल प्रेमी के साथ रहने लगी महिला, अब 11 महीने बाद टुकड़ों में मिला पति का शव

नवी मुंबई के राबले एमआईडीसी पुलिस ने ऐरोली के यादव नगर में करीब 11 महीने पहले हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया. मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है.

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11 महीने बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया. (फोटो- India Today)

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  • 9 अगस्त 2025 को बलिराम कुश्वाहा की हत्या उसके पत्नी सुनीता और उसके कथित प्रेमी राहुल प्रजापति ने की, बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
  • सुनीता और राहुल के प्रेम संबंधों के बारे में बलिराम को पता चल गया था, जिसके विरोध में उन्होंने मिलकर हत्या की साजिश रची और शव को टुकड़ों में बाँटकर जंगल में फेंक दिया।
  • बलिराम की गुमशुदगी की शिकायत अप्रैल 2026 में दर्ज करने के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और शव के अवशेषों को खोजने के लिए अभियान चला रही है।

पिछले साल 9 अगस्त 2025 को नवी मुंबई के रहने वाले बलिराम कुश्वाहा की हत्या हुई थी. इस हत्या के पीछे कौन था, ये पता करने में पुलिस को 11 महीने लग गए. और जब इस हत्याकांड के साजिशकर्ताओं का पता चला तो फिर वही कहानी सामने आई. बलिराम कुश्वाहा की मौत भी ‘प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने’ का मामला निकला. इस केस में भी शव के साथ जघन्य बर्ताव किया गया. उसके टुकड़े-टुकड़े कर जंगल में फेंक दिया गया. 

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इस केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों में से एक मृतक बलिराम की 40 वर्षीय पत्नी सुनीता है. दूसरा है सुनीता का 30 वर्षीय कथित प्रेमी राहुल प्रजापति. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 50 साल के बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा की हत्या कर शव के टुकड़े जंगल में फेंक दिए. स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने बताया कि सुनीता और राहुल के प्रेम संबंधों के बारे में बलिराम को जानकारी हो गई थी. वह इसका विरोध करता था, जिसके चलते दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची.

बच्चों को भेजा मौसी के घर

पुलिस की जांच में सामने आया कि 9 अगस्त 2025 की रात वारदात से पहले सुनीता ने अपने दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया. इसके बाद बलिराम की सोते समय गला घोंटकर हत्या की गई. फिर तेज धारदार हथियार से उसका सिर अलग कर दिया गया. सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने शव के तीन हिस्से किए. उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादरों में लपेटा और राहुल के ऑटो रिक्शा से गावली देव पहाड़ी के जंगल में तीन अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. 

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बलिराम की हत्या के बाद सुनीता बच्चों को लेकर घंसोली चली गई और राहुल के साथ रहने लगी. परिवार के लोगों को उसने बता दिया कि बलिराम घर छोड़कर चला गया है. मामले का खुलासा तब हुआ जब बलिराम के भाई ने उनकी तलाश शुरू की. उन्होंने अप्रैल 2026 में राबले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों में बदलाव और दोनों आरोपियों के बयानों में विरोधाभास के आधार पर पूछताछ तेज की. 

अलग-अलग पूछताछ में दोनों कथित तौर पर टूट गए और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया. फिलहाल पुलिस गावली देव जंगल में मृतक के कंकाल और अन्य अवशेषों की तलाश में अभियान चला रही है.

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