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मरीजों के फर्जी रिव्यू और AI वाले ऐड दिखाने वाले डॉक्टर्स की खैर नहीं! NMC ने सख्त किए नियम

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल प्रोफेशन और अस्पतालों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन जारी की है. सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और एआई-आधारित (AI-led) मेडिकल एडवरटाइजमेंट के लिए नए नियम तय किए गए हैं.

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NMC ने डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए नए गाइडलाइंस जारी किए. (Courtesy- unsplash)

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  • नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 7 अक्टूबर को डॉक्टरों और अस्पतालों के सोशल मीडिया उपयोग के लिए नई गाइडलाइंस लागू कीं, जिसमें AI आधारित विज्ञापन और फेक रिव्यू पर पाबंदी शामिल है।
  • डॉक्टरों और अस्पतालों द्वारा बढ़ते हुए सोशल मीडिया और AI के प्रचारात्मक उपयोग को देखते हुए, मरीजों को गुमराह करने वाले दावों और फेक रिव्यू को रोकने के लिए ये नियम बनाए गए हैं।
  • नई गाइडलाइंस के बाद डॉक्टरों को सोशल मीडिया पर प्रमोशन में पारदर्शिता बरतनी होगी और मरीजों की फोटो या वीडियो शेयर करने पर पाबंदी लागू होगी, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने डॉक्टरों और अस्पतालों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नए नियम तय किए हैं. इसमें AI से बनाए विज्ञापन, इनफ्लूएंसर्स का इस्तेमाल करने को लेकर भी गाइडलाइन बनाई गई है. इन नई गाइडलाइंस के तहत टेस्टिमोनियल्स (मरीजों के अनुभव, तारीफ में किए पोस्ट वगैरह), फेक रिव्यू और भ्रामक दावों पर सख्ती की गई है. नए नियमों के मुताबिक, NMC ने मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित कर दिया है. अब डॉक्टर और अस्पताल अपने प्रमोशन के लिए AI आधारित विज्ञापन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. 

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NMC ने बुधवार, 7 अक्टूबर को AI और सोशल मीडिया को लेकर नई गाइडलाइन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.  इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गाइडलाइन के तहत डॉक्टर या हॉस्पिटल अपनी मेडिकल सर्विस के प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा मरीजों के टेस्टिमोनियल, पेड या फेक रिव्यू, गुमराह करने वाले दावों, इलाज के रिजल्ट के प्रमोशन पर भी रोक लगाई गई है. 

एडवरटाइजमेंट पर भी लगाई पाबंदियां

NMC ने ये गाइडलाइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लगातार बढ़ते इस्तेमाल के दौर में जारी की हैं. पिछले कुछ समय में डॉक्टर्स, हेल्थ एजुकेशन के लिए और पर्सनल ब्रांड के लिए सोशल मीडिया का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं.  इससे मरीजों को आकर्षित करने में काफी मदद मिल रही थी. नई गाइडलाइंस में एडवरटाइजमेंट को सीमित करने पर जोर दिया गया है. इसमें वेबसाइट, सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, पॉडकास्ट, इन्फ्लुएंसर कैंपेन, स्पॉन्सर्ड पोस्ट और AI जनरेटेड मटेरियल से जुड़ी बातें शामिल की गई हैं. इसके अलावा, डॉक्टर्स किसी भी इलाज या सुविधा को लेकर ऐसे दावे नहीं कर सकते, जिन्हें साबित करना मुमकिन न हो.

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मरीजों की फोटो-वीडियो शेयर करने पर पाबंदी

अब डॉक्टर्स के सोशल मीडिया पर रिकमेंडेशन, एंडोर्समेंट, रिव्यू मांगने और शेयर करने पर रोक लगा दी गई है. इसके अलावा मरीजों की सहमति के बाद भी उनके फोटो, वीडियो, क्लिनिकल इमेज और इलाज की कहानियों को शेयर करने पर रोक लगा दी गई है. NMC ने खास तौर पर AI और इसकी मदद से तैयार किए गए प्रमोशनल कंटेंट को गाइडलाइंस में शामिल किया है. दरअसल, डॉक्टरों के AI का इस्तेमाल करके अपना और अपने ब्रांड का प्रमोशन करने का मामला सामने आता रहा है.

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गाइडलाइन के तहत, अब डॉक्टरों को कंटेंट पब्लिश करते समय अपने बारे में जानकारी शेयर करनी होगी. इसमें उनका क्वालिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन स्टेटस और नेशनल मेडिकल रजिस्टर नंबर के बारे में बताना होगा. साथ ही अस्पताल को अपनी पोस्ट से जुड़े डॉक्टरों के बारे में भी जानकारी देनी होगी.

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