महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए ‘मिसिंग लिंक’ बनवाया. लगभग 13 किलोमीटर लंबे इस लिंक को बनाने में 6,695 करोड़ रुपये खर्च हुए. लेकिन ये लिंक पहली बरसात भी नहीं झेल पाया. उद्घाटन के 9 हफ्तों के भीतर लैंडस्लाइड से इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया. तिस पर जो सफाई आई वो कमाल है. कहा गया कि इसमें ठेकेदार की कोई गलती नहीं. ये तो ‘एक्ट ऑफ गॉड’ यानी दैवीय घटना है.
अरबों रुपये में बना मुंबई एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 9 हफ्तों में ही डैमेज, MSRDC ने 'एक्ट ऑफ गॉड' बताया
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लगभग 6.5 हजार करोड़ की लागत से मिसिंग लिंक बनवाया. लेकिन इतनी भारी लागत वाला ये मिसिंग लिंक एक बरसात भी नहीं झेल पाया. तिस पर सरकार ने गलती मानने के बजाय कह दिया कि ये ईश्वरीय प्रकोप है, इसमें कुछ नहीं किया जा सकता.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने मिसिंग लिंक डैमेज होने के लिए प्रकृति को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे एक्ट ऑफ गॉड बता दिया है. MSRDC के उपाध्यक्ष अनिलकुमार गायकवाड़ ने कहा, ये ठेकेदार की गलती नहीं है, ये प्रकृति का प्रकोप (act of God) है.
‘ईश्वरीय आपदा, कुछ नहीं किया जा सकता’
निगम की ओर से बताया गया कि मिसिंग लिंक को लैंडस्लाइड से बचाने के लिए कई इंतजाम किए गए थे. लेकिन वो सब काम नहीं आए. MSRDC के एक और अधिकारी ने बताया,
आईआईटी-बॉम्बे की देखरेख में पत्थर गिरने से बचाव के इंतजाम किए गए थे. सुरंग के ऊपर पहाड़ पर 15 मीटर की ऊंचाई तक चट्टानों को रोकने के लिए जाली लगाई गई थी. वह अभी भी सुरक्षित है. लेकिन पत्थर लगभग 150 मीटर की ऊंचाई से आ रहे थे. इतनी भारी बारिश किसी ईश्वरीय आपदा के जैसी है. इसे रोकने के लिए कुछ खास नहीं किया जा सकता.
उन्होंने बताया कि बारिश थमने के बाद चट्टानों का इंस्पेक्शन किया जाएगा. फिर देखा जाएगा कि क्या जाली की ऊंचाई और बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने आगे बताया,
इसमें काफी ज्यादा पैसे खर्च होंगे और इसके लिए जंगल की जमीन की भी जरूरत पड़ेगी.
लैंडस्लाइड से बाधित हुई आवाजाही
मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक पर 6 जुलाई की सुबह 3.30 बजे लैंडस्लाइड हुआ. अधिकारियों के मुताबिक पुणे से मुंबई जाने वाले रूट पर मिसिंग लिंक के पहले टनल के आखिरी छोर के पास यह लैंडस्लाइड हुआ. इसके चलते एक दीवार डैमेज हो गई और रास्ता बंद हो गया. अनिलकुमार गायकवाड़ ने बताया कि भारी बारिश के चलते ऊपर से कुछ चट्टाने खिसक कर नीचे आईं, जिसके चलते टनल 2 का एंट्री गेट जाम हो गया. उन्होंने बताया,
तेज बारिश के चलते टनल 2 के एंट्री गेट पर ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिर गए. इससे टनल को नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन टनल के पास बना बाहरी स्ट्रक्चर डैमेज हो गया है.
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MSRDC के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सुरंग को कोई स्ट्रक्चरल डैमेज नहीं हुआ है. उनकी ओर से प्रोजेक्ट और इसे बनाने वाले ठेकेदार का बचाव किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदारों ने सभी जरूरी सुरक्षा उपायों के हिसाब से ही काम किया है.
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