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मराठी नहीं आती तो महाराष्ट्र में नहीं बन सकेंगे ड्राइवर, राज्य सरकार ने जारी किया फरमान

Marathi mandatory for drivers in Maharashtra: महाराष्ट्र में ड्राइवर्स के लिए फरमान जारी किया गया है. वाहन चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी कर दिया गया है. राज्य सरकार ने इसकी घोषणा की है. नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी की जा सकती है.

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महाराष्ट्र में कैब ड्राइवर्स के लिए मराठी भाषा सरकार ने अनिवार्य कर दी है. (फोटो-Pexels)

महाराष्ट्र में अब ड्राइवर्स के लिए मराठी सीखनी जरूरी है. महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर-व्हीकल चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य कर दिया है. 

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इसमें ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब ( Ola, Uber और Rapido ) चलाने वाले ड्राइवर शामिल हैं. अगर वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो इसके लिए सजा का भी प्रावधान होगा. मराठी में बात नहीं करने पर ड्राइविंग ऑथराइजेशन तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. बार-बार नियम तोड़ने पर परमिट हमेशा के लिए रद्द भी हो सकता है.

यात्रियों से बात करने के लिए मराठी आनी जरूरी

महाराष्ट्र सरकार के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने यह घोषणा की है. कहा कि यात्रियों से ठीक से बातचीत करने के लिए ड्राइवर्स को मराठी भाषा की वर्किंग नॉलेज होनी जरूरी है. यह कदम 'महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स, 1989' में किए गए कई बदलावों के बाद उठाया गया है.  

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) नियम, 2026 के तहत टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित मोटर कैब के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की नॉलेज मेंडेटरी है. यह नियम परमिट धारकों पर भी लागू होगा. अगर आपने भाषा नहीं सीखी, तो आप पर कार्रवाई हो सकती है. लाइसेंस तीन महीने के लिए रद्द हो सकता है.  

मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि स्थानीय भाषा का ज्ञान कई वजहों से जरूरी है. यात्रियों से बातचीत करने, उनकी चिंताओं को समझने और यात्रा को सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने के लिए. मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारियों को ड्राइवर की मराठी भाषा को "संतोषजनक" माना जाना चाहिए.

नॉन मराठियों को सिखाई जा रही मराठी

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट कुछ साहित्यिक संगठनों के साथ 105 दिन का मिलकर मराठी प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है. यह प्रोग्राम रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस और भाषा प्रशिक्षण केंद्रों में चल रहा है. 15 अगस्त तक ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों का व्यवहारिक मराठी भाषा ज्ञान होना मेंडेटरी है.

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विभाग ने बताया कि अब तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा गैर-मराठी यात्री वाहन ड्राइवरों ने चार घंटे का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है. उन्हें 17 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सर्टिफिकेट मिलेंगे. 

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