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राहुल गांधी पर SC की टिप्पणी पर बोले कांग्रेस सांसद, 'हम भी जजों की निष्ठा पर सवाल उठा सकते'

Manickam Tagore ने कहा कि Supreme Court का आदेश Rahul Gandhi और विपक्ष के लिए राहत भरा और सकारात्मक रहा है. लेकिन जजों के शब्दों को प्रचारित करके बीजेपी की आईटी सेल एक अलग नैरेटिव बनाने में जुटी है.

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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि के केस में राहत दी (फोटोः इंडिया टुडे)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भारत-चीन तनाव पर की गई एक टिप्पणी के लिए फटकार लगाया था. कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने  कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से गलत संदेश गया है. ऐसी भाषा का इस्तेमाल आमतौर पर राजनीतिक नेतृत्व द्वारा किया जाता है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के व्हिप मणिकम टैगोर ने कहा कि संसद के सदन में हम लोग किसी को भी एंटी नेशनल कह सकते हैं. हम जजों की निष्ठा पर भी सवाल खड़े कर सकते हैं, लेकिन यह संवैधानिक तौर पर सही नहीं होगा.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि शीर्ष अदालत का आदेश राहुल गांधी और विपक्ष के लिए राहत भरा और सकारात्मक रहा है. लेकिन जजों के शब्दों को प्रचारित करके बीजेपी की आईटी सेल एक अलग नैरेटिव बनाने में जुटी है.

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सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को लखनऊ में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमे पर रोक लगा दी. लेकिन साथ ही कोर्ट ने उनको भारत-चीन तनाव पर की गई एक टिप्पणी के लिए कड़ी फटकार भी लगाई. राहुल गांधी ने 16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ों यात्रा के दौरान कहा था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों की पिटाई कर रहे हैं. और 2 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर चीन ने कब्जा कर लिया है.

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने पूछा कि आपको कैसे पता चल गया कि चीन ने भारत की 2 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा ली? क्या आप वहां थे? आपके पास क्या सबूत था? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कह सकते. जब सीमा पर झड़प हो तब दोनों तरफ की सेना को नुकसान पहुंचना कोई असमान्य बात नहीं है.

बीजेपी के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि राहुल गांधी बाहरी ताकतों के विचारों से प्रेरित होते हैं, मणिकम टैगोर ने कहा, ‘राजनीति में अब अतिवादी शब्दों का प्रयोग बढ़ गया है, पहले लोग इससे बचते थे.’ उन्होंने आगे कहा कि हल्के कूटनीतिक शब्द लोगों की स्मृति में नहीं रहते. लोग संयमित तरीके से की गई बात भूल जाते है, इसलिए विपक्ष को कड़े शब्दों का प्रयोग करने की जरूरत है. 

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वीडियो: राहुल गांधी के किस दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार?

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