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नोएडा के वर्कर्स की 7 मांगें, कई पर बनी थी सहमति, 'हरियाणा सरकार के आदेश' वाली मांग ने कराया बवाल

Noida Workers Protest: नोएडा में मजदूरों का आंदोलन हिंसक हो गया. नोएडा के कामगार अपने वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिसे लेकर पिछले एक सप्ताह से शांतिपूर्ण तरीके के प्रदर्शन चल रहा था. लेकिन सोमवार को अचानक हिंसा हो गई. माना जा रहा है कि हरियाणा में मजदूरों के लिए लिया गया फैसला नोएडा में उग्र प्रदर्शन की वजह बन गया.

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नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. (फोटो-आजतक)

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  • उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने सैलरी वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर 13 अप्रैल को हिंसक प्रदर्शन किया।
  • यह प्रदर्शन 10 अप्रैल की बैठक में सैलरी वृद्धि पर सहमति न होने और महंगाई बढ़ने के कारण शुरू हुआ था, जबकि प्रशासन ने कुछ मांगें स्वीकार की थीं।
  • प्रदर्शन के बाद इलाके में ट्रैफिक जाम और पुलिस इंतजाम बढ़ाए गए हैं, प्रशासन स्थिति पर निगरानी रखे हुए है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में पिछले तीन दिनों से निजी कंपनियों के कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे. आज यानी 13 अप्रैल को इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. कर्मचारी सैलरी बढ़ाने समेत कई ज़रूरी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. 10 अप्रैल को एक बैठक में इन मांगों पर चर्चा हुई थी. इस बैठक में श्रमिकों और सेवायोजकों के अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. मीटिंग में कर्मचारियों की कुछ मांगें स्वीकार की गईं थीं. 

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प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, बैठक अपर श्रम आयुक्त कार्यालय में हुई. जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी की उपस्थिति में बैठक कराई गई. इसमें मेसर्स रेनबो फैबर्ट, पैरामाउंट फैशंस एन्ड स्टाइल्स, ऋचा ग्लोबल, साहू एक्सपोर्ट औरा अनुभवा अपैरल्स के प्रतिनिधि भी शमिल हुए थे. इसके अलावा संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे. संगठन के अपने प्रस्ताव में ये मांगे रखीं-

  • सभी कर्मचारियों को हरियाणा सरकार की तर्ज पर बढ़ा हुआ वेतन दिया जाए. 
  • ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाए. 
  • सभी श्रमिकों को साप्ताहिक छुट्टी दी जाए. 
  • बोनस का भुगतान नियमों के मुताबिक़ किया जाए.  
  • महिला कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद हो और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. 
  • वर्कप्लेस पर शिकायत दर्ज कराने की उचित व्यवस्था हो. 
  • जो प्रतिनिधि कर्मचारी विरोध कर रहे हैं उनके खिलाफ कोई एक्शन न लिया जाए. 
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10 अप्रैल को हुई बैठक की प्रेस रिलीज. 

संगठनों की कुछ मांगों पर प्रशासन ने सहमति जताई. मैनेजमेंट की तरफ से ये मांगे स्वीकार की गईं- 

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  • 11 अप्रैल 2026 से ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाएगा.
  • सभी को वीकली ऑफ दिया जाएगा. अगर छुट्टी वाले दिन काम पर बुलाया जाता है तो उसका भुगतान दुगनी दर से किया जाएगा. 
  • सभी को नियमों के मुताबिक़ 30 नवंबर तक बोनस का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाएगा. 
  • हर कारखाने में वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की शिकायत के लिए समिति का गठन होगा और महीने के अंत में बैठक होगी.  
  • सभी कारखानों में शिकायत पेटी रखी जाएगी, जिससे कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. 
  • बैठक में जितने प्रतिनिधि शामिल हैं उन्हें बिना नोटिस के काम से नहीं निकाला जाएगा. जिला प्रशासन की अनुमति से ही कार्रवाई की जाएगी. 
  • मैनेजमेंट इस आंदोलन से जुड़े कर्मचारी प्रतिनिधियों पर कोई एक्शन नहीं लेगा.

मैनेजमेंट ने कहा कि सभी सेवायोजक (Employer) अपने-अपने नोटिस बोर्ड पर स्वीकार की गई मांगों को लगाएंगे.

एक मांग न माने जाने पर गड़बड़ हुई?

10 अप्रैल की मीटिंग में जिन मांगों पर सहमति बनी, उनमें हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन बढ़ाने वाली मांग शामिल नहीं थी. माना जा रहा है कि इसी वजह से मजदूर असंतुष्ट थे और उन्होंने 13 अप्रैल को नोएडा में जमकर बवाल किया. मजदूरों का ये भी कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में गुज़ारा मुश्किल है. बता दें कि पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की हड़ताल के बाद न्यूनतम मजदूरी लगभग 35 फीसदी बढ़ाने का कदम उठाया था. नोएडा के कर्मचारी भी यही कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.  

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आज तक से जुड़े भूपेंद्र चौधरी की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक, नोएडा सेक्टर-84 क्षेत्र में कम से कम दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं, फेज-2 के अलग-अलग इलाकों में कर्मचारियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया. DND समेत नोएडा के अलग-अलग हिस्सों से भयंकर जाम की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. कई जगह पुलिस ने रोड डायवर्जन किया है. रोड पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही हैं. 

12 अप्रैल को भी गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने एक मीटिंग की थी. इस बैठक में वर्कप्लेस सेफ्टी, ओवरटाइम का भुगतान, वीकली ऑफ और सिक्योरिटी को लेकर बात हुई थी. उन्होंने कर्मचारियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे. उनके आश्वस्त करने के बाद भी प्रदर्शन नहीं रुका. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. 

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