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ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिस्टी मुखर्जी का शव मिला, ‘कैश फॉर जॉब’ केस में चली गई थी नौकरी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 साल की भतीजी ब्रिस्टी मुखर्जी अपने घर में मृत मिलीं. ब्रिस्टी की नौकरी उन 26 हजार नियुक्तियों में शामिल थी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रद्द कर दिया गया था.

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ममता बनर्जी की भतीजी का शव उनके घर में मिला. (फोटो- India Today)

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  • पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिस्टी मुखर्जी का शव उनके घर की दूसरी मंजिल पर बीरभूम जिले में 1 सितंबर को मृत पाया गया।
  • ब्रिस्टी मुखर्जी की नौकरी सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंगाल के 'कैश फॉर जॉब' मामले में सरकारी नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद चली गई थी, जिससे करीब 26000 स्टाफ की बर्खास्तगी हुई।
  • ब्रिस्टी के निधन के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, परिवार ने तलाक और डिप्रेशन का भी उल्लेख किया है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिस्टी मुखर्जी (Bristy Mukherjee Death) अपने घर में मृत पाई गईं. 1 सितंबर को बीरभूम जिले के अपने घर की दूसरी मंजिल से उनका शव बरामद किया गया. ब्रिस्टी 28 साल की थीं. उन्होंने बोलपुर अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर काम भी किया था. बंगाल के बहुचर्चित ‘कैश फॉर जॉब’ मामले में जो सरकारी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी थीं, उसी में ब्रिस्टी की भी नौकरी चली गई थी.

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ब्रिस्टी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट इलाके के कुसुम्बा गांव में उनके घर से मिला. मकान की दूसरी मंजिल के एक कमरे में वह मृत पाई गईं. हालांकि, उनकी मौत कैसे हुई, ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है. पुलिस का कहना है कि मौत की वजहों का पता लगाया जा रहा है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य जांच के बाद ही मौत की वजहों का पता चलेगा. 

टीओआई के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने बताया कि ब्रिस्टी मुखर्जी के तलाक की कार्यवाही चल रही थी. पिछले कुछ सालों से वह डिप्रेशन में थीं. उनका इलाज भी चल रहा था.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गई नौकरी

ब्रिस्टी बंगाल सरकार से सहायता प्राप्त एक स्कूल में नौकरी करती थीं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कथित ‘कैश फॉर जॉब’ मामले में बंगाल सरकार से एडेड स्कूलों में कई टीचरों की भर्ती के आदेश रद्द कर दिए थे. बोलपुर अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर काम कर रहीं ब्रिस्टी की भी इस आदेश के बाद नौकरी चली गई थी. 

पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने इन नियुक्तियों को रद्द किया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को बरकरार रखा. इस आदेश की वजह से बंगाल में तकरीबन 26000 टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को नौकरी से बर्खास्त किया गया था.  

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कौन थीं ब्रिस्टी मुखर्जी?

ब्रिस्टी मुखर्जी निहार मुखर्जी की बेटी थीं. निहार ममता बनर्जी के मामा के बेटे हैं. वह भी पॉलिटिक्स में सक्रिय हैं और टीएमसी के क्षेत्रीय नेता हैं.

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