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'शुद्धिकरण' विवाद में अपनों ने नहीं दिया साथ! CWC मीटिंग में छलका खरगे का दर्द

हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का दर्द CWC की बैठक में छलक गया. कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा कि उन्हें दुख हुआ कि कई नेताओं ने इस मुद्दे पर खुलकर उनका समर्थन नहीं किया और किसी ने इसकी निंदा तक नहीं की.

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मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC में हल्द्वानी की घटना की निंदा न किए जाने पर दुख जताया है (PHOTO - India Today/PTI)

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  • कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे ने 19 अगस्त को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हल्द्वानी में हुई 'शुद्धिकरण' घटना पर अपनी निराशा जताई और इसका खुलकर समर्थन न करने पर दुख प्रकट किया।
  • हल्द्वानी में 8 अगस्त को खरगे की रैली के बाद 11 अगस्त को वहां 'शुद्धिकरण हवन' आयोजित किया गया था, जिसे कांग्रेस ने BJP से जुड़े लोगों द्वारा जातिवादी सोच के रूप में आरोपित किया।
  • इस विवाद के बाद कांग्रेस ने इसे निंदनीय बताया और पार्टी में चर्चा हुई कि कुछ नेता पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देकर विवादित बने हुए हैं, जिससे पार्टी में असंतोष दर्शाया गया।

हलद्वानी में रैली वाली जगह के कथित 'शुद्धिकरण' मुद्दे पर कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे पहले ही अपनी तकलीफ जाहिर कर चुके हैं. 19 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई. इस बैठक में पार्टी के अध्यक्ष ने अपना दुख जाहिर किया है. खरगे ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ कि CWC के कई सदस्यों ने 'शुद्धिकरण' के मुद्दे पर खुलकर उनका समर्थन नहीं किया. खरगे ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि किसी ने इस प्रसंग की ठीक से निंदा नहीं की.

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क्या है पूरा मामला?

घटना 8 अगस्त की है. इस दिन खरगे उत्तराखंड के हल्द्वानी में थे. वहां के रामलीला मैदान में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इसके बाद 11 अगस्त को वहां एक 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि 'शुद्धिकरण हवन' आयोजित करने वाले लोग BJP से जुड़े थे. कहा कि यह उनकी जातिवादी सोच को दिखाता है. दूसरी ओर, BJP ने खुद को इस कार्यक्रम से अलग कर लिया. खरगे ने राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी से अपनी सुरक्षा के लिए नहीं कहा क्योंकि वह दलित हैं. लेकिन शुद्धिकरण कार्यक्रम से उन्हें अपमानित महसूस हुआ.

CWC में खरगे ने उठाया मुद्दा

इस पूरे विवाद के बाद 19 अगस्त को CWC की बैठक हुई. बैठक में खरगे ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ कि CWC के सभी सदस्यों और खासकर ‘अच्छे दिखने वाले लोगों’ ने, जिन्हें मीडिया में जगह मिलती है, इस बारे में कुछ नहीं कहा. वहीं AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने यह मुद्दा उठाया था और इसकी निंदा भी की. लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने बैठक में मौजूद लोगों के हवाले से लिखा. रिपोर्ट के मुताबिक खरगे के हाव-भाव से लग रहा था कि वह इससे संतुष्ट नहीं थे.

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(यह भी पढ़ें: खरगे की रैली वाली जगह का 'शुद्धिकरण' कराने पर राज्यसभा में हंगामा, नड्डा बोले-'दुखद घटना है')

खरगे ने किसी का नाम नहीं लिया. इसलिए कांग्रेस नेता सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते थे कि वह किन लोगों की बात कर रहे हैं. दरअसल खरगे ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ नेता पार्टी लाइन के खिलाफ टिप्पणी करने और लेख लिखने के लिए ही चर्चा में रहते हैं. बाद में CWC की चर्चाओं के बारे में मीडिया को जानकारी दी गई. जानकारी देते हुए, केसी वेणुगोपाल ने 'शुद्धिकरण' विवाद पर भी बात की. उन्होंने कहा कि यह घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य और निंदनीय है. वेणुगेपाल ने आरोप लगाया कि यह BJP की सोच को दिखाता है.

वीडियो: संसद में आज: 'मैं दलित हूं...' राज्यसभा में छलका खरगे का दर्द, नड्डा क्या बोले?

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