शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे पर महाराष्ट्र के ठाणे के एक हॉस्पिटल में डॉक्टरों से मारपीट का आरोप लगा था. 8 जुलाई की देर रात महाराष्ट्र पुलिस ने रमेश म्हात्रे और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है. इस बीच हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे शहर छोड़ दिया है.
शिंदे के थप्पड़बाज पार्षद की गुंडई से आहत डॉक्टर ने नौकरी छोड़ी, कहा- 'अब कभी नहीं लौटूंगा'
महाराष्ट्र के ठाणे में एक हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच हॉस्पिटल में काम करने वाले एक पीड़ित डॉक्टर ने इस घटना से आहत होकर नौकरी और ठाणे शहर छोड़ दिया है.


डॉक्टर को मिल रहीं धमकियां
कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर हॉस्पिटल में काम करने वाले पीड़ित डॉक्टर ने बताया,
हॉस्पिटल में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने मुझ पर हमला किया. इसके दो दिन बाद तक मैं डर के साए में रहा. मुझे धमकी भरे कॉल और मैसेज मिलते रहे. इसके डर से मैं लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा. इस दौरान अज्ञात लोग मेरा पीछा कर रहे थे. इस घटना के चलते मैं हैरान-परेशान हूं.
इस घटना से परेशान होकर पीड़ित डॉक्टर ने 7 जुलाई को अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. उनका कहना है कि अब वे कभी वापस नहीं लौटेंगे. अपनी सिक्योरिटी के चलते पीड़ित डॉक्टर अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा,
मैं घटना के बाद सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं. मैंने इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है. यहां बहुत डर का माहौल है. दूसरे डॉक्टर चाहें तो काम करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा.
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद राहत
हालांकि पीड़ित डॉक्टर ने आरोपी पार्षद के गिरफ्तार होने पर राहत जताई है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा,
एक्शन लिए जाने के बाद मुझे राहत महसूस हुई है. मैं उन सभी को धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया और सच्चाई को सामने लाए. मुझे उम्मीद है कि इससे एक कड़ा संदेश जाएगा, जिससे भविष्य में कोई भी राजनेता या दूसरे लोग किसी भी डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा.
पूरा मामला क्या है?
ये घटना 6 जुलाई की है. ठाणे के कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर हॉस्पिटल में एक महिला को भर्ती कराया गया. उसकी डिलीवरी होनी थी. जांच के बाद डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी. लेकिन इसके लिए हॉस्पिटल के (Neonatal) इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कोई बेड खाली नहीं था. इसलिए हॉस्पिटल के एक पुरुष और एक महिला डॉक्टर ने महिला के परिजनों को उनको दूसरे हॉस्पिटल में ले जाने की सलाह दी. डॉक्टरों ने महिला को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट करने में पूरी मदद करने का भरोसा भी दिया.
लेकिन परिजन महिला को हॉस्पिटल के (NICU) वार्ड में शिफ्ट करने की मांग पर अड़ गए. कुछ देर बाद हॉस्पिटल में कल्याण डोंबिवली नगर निगम के पार्षद रमेश म्हात्रे के फोन आने लगे. वे किसी भी हाल में बेड का इंतजाम करने की बात कर रहे थे. जब पीड़ित डॉक्टर ने उनको बताया कि बेड खाली नहीं है तो कथित तौर पर वे गाली-गलौज करने लगे. पीड़ित डॉक्टर ने बताया,
रात को 8 बजे रमेश म्हात्रे चार से पांच पुरुष और एक महिला के साथ लेबर वार्ड में घुस गए. वहां एक और महिला डॉक्टर, दो नर्स और एक हॉस्पिटल अटेंडेंट ड्यूटी पर थे. ग्रुप ने मेडिकल स्टाफ को गाली दी. हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर्स पर हमला किया.
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शिंदे ने लगाई पार्षद को फटकार, पार्टी ने नोटिस भेजा
महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 9 जुलाई को बताया कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना गलत है शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती. मामले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है.
कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई नेताओं और विपक्ष ने घटना की आलोचना की है. ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. फिलहाल पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है.
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