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भगवान विष्णु की हजारों साल पुरानी प्रतिमा मिली छत्तीसगढ़ में

Ancient Vishnu sculpture Malhars: छत्तीसगढ़ के मल्हार में 1950 के दौरान भगवान विष्णु की एक प्रतिमा निकली थी. जो अभी बंद हो चुके आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के एक अस्थायी म्यूजियम में रखी है. जिसे लेकर सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर संजय शर्मा ने मूर्ति से जुड़ी एक फिल्म बनाई है.

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फिल्ममेकर की मांग है कि भगवान विष्णु की मूर्ति को सभी के लिए खोला जाना चाहिए.

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  • डॉ. संजय शर्मा ने भगवान विष्णु की मल्हार से मिली प्राचीन मूर्ति पर आधारित 'डिस्कवरी ऑफ विष्णु' नाम की डॉक्यूमेंट्री रायपुर में प्रदर्शित की है।
  • यह मूर्ति 1950 के दशक में ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मल्हार में खोजी गई थी और वर्तमान में एक अस्थाई म्यूजियम में अंधेरे कमरे में रखी गई है, जिससे आम लोगों की पहुंच सीमित है।
  • डॉ. शर्मा ने सरकार से इस मूर्ति को सार्वजनिक रूप से खोलने और इसकी प्राचीनता प्रमाणित करने की मांग की है, ताकि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी व्यापक publiek तक पहुँचे।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार से मिली भगवान विष्णु की एक प्राचीन प्रतिमा पर बेस्ड एक डॉक्यूमेंट्री रायपुर में दिखाई गई. सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय शर्मा ने ‘डिस्कवरी ऑफ विष्णु’ फिल्म बनाई है. उनका कहना है कि मूर्ति सालों से अंधेरे कमरे में बंद है, उसे लोगों के सामने लाना है.

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मल्हार में 1950 के आसपास ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) को इस मूर्ति का पता चला था. फिलहाल यह मूर्ति मल्हार के एक अस्थाई म्यूजियम में है. इसके अंधेरे कमरे में रखी है. इसे आम लोग नहीं देख सकते. डॉ. संजय दावा करते हैं कि कोविड के दौरान उन्होंने इस मूर्ति को वहां देखा था.

भगवान विष्णु की इस मूर्ति को विश्व की सबसे प्राचीन विष्णु की प्रतिमाओं में से एक बताया गया है. जो मल्हार में 1950 के पास मिली थी. मल्हार एक प्राचीन बस्ती है, जो कई ऐतिहासिक दौरों के पुरातात्विक अवशेषों के लिए जानी जाती है. 

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विष्णु पूजा पर रोशनी डालती मूर्ति

डॉक्टर संजय शर्मा की ये फिल्म विष्णु की मूर्ति की कलात्मक विशेषताओं की पड़ताल करती है. मूर्ति से भारतीय उपमहाद्वीप में वैष्णव प्रतिमा-कला के शुरुआती विकास के बारे में जानकारी मिलती है. ये प्रतिमा शुरुआती ऐतिहासिक काल में विष्णु पूजा के विकास पर रोशनी डालती है. 

फिल्म इस कलाकृति के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के बावजूद लोगों के बीच इसकी कम जानकारी या पहुंच पर भी सवाल उठाती है. डॉक्टर चाहते हैं कि मूर्ति की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे. 

डॉक्टर संजय शर्मा ने 2025 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मांग भी की थी कि मूर्ति को सभी लोगों के खोला जाना चाहिए.  उन्होंने कहा था कि बिलासपुर के मल्हार में मुझे भगवान विष्णु की एक प्राचीन मूर्ति दिखी थी. ये शायद दुनिया की सबसे पुरानी ज्ञात मूर्ति हो सकती है, यह 200 BCE (ईसा पूर्व) की है. मूर्ति को आम लोगों के लिए खोलना चाहिए. 

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डॉ. संजय शर्मा की दो मांगें हैं. पहली- केंद्र सरकार या ASI को मल्हार आकर भगवान विष्णु की इस प्रतिमा को देखना चाहिए. दूसरी- केंद्र सरकार को यह प्रमाणित करना चाहिए कि मल्हार में मिली यह प्रतिमा विश्व में भगवान विष्णु की सबसे प्राचीन ज्ञात प्रतिमा है.
 

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