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'जज भी भ्रष्टाचार में शामिल होते हैं', मद्रास हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी

Madras High Court plea on ban Karuppu: 'करुप्पु' फिल्म से जुड़ी याचिका चेन्नई के एक वकील आर.एस. तमिलवेंडन ने दायर की थी. अपनी याचिका में तमिलवेंडन ने कहा कि 17 मई 2026 को फिल्म देखकर उन्हें ‘गहरा सदमा’ लगा. तमिलवेंडन ने आरोप लगाया कि मूवी में इंडियन ज्यूडिशियल सिस्टम को ‘गलत तरीके से’ दिखाया गया था.

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'करुप्पु' फिल्म में दिखाए गए सीन से नाराज एक वकील ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • मद्रास हाई कोर्ट ने सूर्या और तृषा स्टारर तमिल फिल्म 'करुप्पु' से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें न्यायपालिका को गलत तरीके से दर्शाने का आरोप था।
  • याचिका एक वकील आर.एस. तमिलवेंडन द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने फिल्म में जज को रिश्वत लेते और नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए दिखाए जाने पर आपत्ति जताई।
  • कोर्ट ने कहा कि भारत स्वतंत्र देश है और फिल्म के चित्रण पर जनता का न्याय व्यवस्था में भरोसा कम होने का खतरा कम ध्यान में रखा जाएगा।

सूर्या और तृषा स्टारर तमिल फिल्म 'करुप्पु' को प्रतिबंध या रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका मद्रास हाई कोर्ट पहुंची. एक वकील ने फिल्म में न्यायपालिका को लेकर दिखाए कॉन्टेंट पर आपत्ति जताई है. दावा है कि ऐसी मूवी लोगों का न्यायपालिका पर से भरोसा उठा सकती है. मगर कोर्ट ने ये याचिका खारिज कर दी.

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जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की वेकेशन बेंच ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है. यहां लोग अपनी मर्जी की चीजें करने के लिए आजाद हैं.

वकील ने क्या तर्क दिए?

Live Law की रिपोर्ट के मुताबिक, 'करुप्पु' फिल्म से जुड़ी याचिका चेन्नई के एक वकील आर.एस. तमिलवेंडन ने दायर की थी. अपनी याचिका में तमिलवेंडन ने कहा कि 17 मई 2026 को फिल्म देखकर उन्हें ‘गहरा सदमा’ लगा. तमिलवेंडन ने आरोप लगाया कि मूवी में इंडियन ज्यूडिशियल सिस्टम को ‘गलत तरीके से’ दिखाया गया था.

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याचिकाकर्ता ने दलील दी कि फिल्म के एक सीन में जज को रिश्वत लेते और नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए दिखाया गया है. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे सीन संविधान के विरुद्ध हैं और जज की रेप्यूटेशन को ठेस पहुंचाते हैं.

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि फिल्म के आरजे डायरेक्टर बालाजी ने बिना सोचे-समझे भारतीय न्याय प्रणाली की आलोचना की है. अगर ये फिल्म सिनेमाघरों और OTT प्लेटफॉर्म पर चलती रही, तो जनता का न्यायिक व्यवस्था पर से विश्वास उठने लगेगा.

तमिलवेंड ने कहा कि उन्होंने गृह विभाग के सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव और CBFC के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को रिप्रेजेंटेशन (अपनी समस्या बताई थी.) भेजे थे. लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जिसके चलते उन्हें मद्रास हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा.

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स्वतंत्र देश है भारत-अदालत

लेकिन 21 मई को मामले की सुनवाई करते हुए बेंच ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. कहा,

‘यह एक आजाद देश है. यहां ऐसे वकील हैं जो गलत कामों में लिप्त हैं. ऐसे जज भी हैं जो भ्रष्टाचार में शामिल हैं. उन्होंने (फिल्म बनाने वालों ने) बस इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है.’

हालांकि, अदालत ने ये भी कहा कि फिल्म में किया गया चित्रण वास्तव में गहराई से सोचने का विषय है. रिपोर्ट के मुताबिक, समय की कमी के कारण पीठ बाद में डिटेल में आदेश पारित करेगी.

'करुप्पु' फिल्म कलेक्शन

तमिल फिल्म 'करुप्पु' एक हिट साबित हुई है. 15 मई को सिनेमाघरों में उतरी ये फिल्म अब तक वर्ल्डवाइड 188 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी है. भारत में इसने 113 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है.

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