The Lallantop

वक्फ बोर्ड में हिंदू मेंबर बनने से चेयरमैन खुश, मंदिर समिति में मुस्लिम के सवाल से पल्ला झाड़ा

Waqf Board Hinu Member: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों की नियुक्ति हुई है. बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल से मंदिर समितियों में मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में उनकी निजी राय पूछी गई, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से किनारा कर लिया.

Advertisement
post-main-image
MP वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल (दाएं) और सदस्य अनिमेष भार्गव (बीच में) और मनोज मालपानी (बाएं). (ITG/MPWB/Facebook)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • मध्य प्रदेश ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दो हिंदू सदस्यों मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को बोर्ड में नियुक्त किया, जिससे यह पहला राज्य बना जहाँ गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल किए गए।
  • केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) कानून, 2025 में गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रावधान था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी पर रोक नहीं लगी।
  • वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों के शामिल होने के बाद, इस फैसले से पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है और धार्मिक समुदायों के बीच समावेशिता पर अधिक चर्चा हो सकती है।
author-image
रवीश पाल सिंह

भारत में मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां के वक्फ बोर्ड में किसी हिंदू को सदस्य बनाया गया है. वक्फ (संशोधन) कानून, 2025 के हिसाब से अपने वक्फ बोर्ड का फिर से गठन करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्य - मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव नियुक्त किए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. सनवर पटेल को वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनाया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

वक्फ (संशोधन) कानून, 2025 के तहत केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का भी प्रावधान किया था. नए कानून के गैर-मुस्लिम सदस्य की नियुक्ति समेत कई प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. कोर्ट ने गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के प्रावधान पर रोक नहीं लगाई. फिलहाल, नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट का कोई अंतिम फैसला नहीं आया है और यह मामला अभी भी विचाराधीन है.

मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया और इसमें कुल 10 सदस्य शामिल किए. मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव के वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने से मध्य प्रदेश, वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुस्लिम की तैनाती वाला पहला राज्य बना गया. इस बारे में रविवार, 5 जुलाई को एक गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया गया.

Advertisement

इंडिया टुडे से जुड़े रवीश पाल सिंह ने मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल से हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने पर बातचीत की. सनवर पटेल ने सीएम मोहन यादव के इस फैसले पर खुशी जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अभिवादन किया. हिंदू सदस्यों के शामिल होने पर सनवर पटेल ने कहा,

"वक्फ बोर्ड में हमारे दो हिंदू भाइयों के आने से पारदर्शिता बढ़ेगी. हमारी भी जवाबदेही बढ़ेगी. हम और अच्छा काम कर पाएंगे."

वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के बाद अगर मंदिर समितियों और तीर्थ स्थल समितियों में भी गैर-हिंदू सदस्यों को शामिल करने की मांग उठती है, तो सनवर पटेल इस पर क्या कहेंगे? जब सनवर पटेल से यह सवाल किया गया, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से किनारा कर लिया. उन्होंने कहा,

Advertisement

"इसका जवाब मेरे दायरे से थोड़ा बाहर का है. भारत सरकार ने जो कानून बनाया, देश की संसद ने जो कानून बनाया, और वक्फ कानून, 2025, उसके तहत, उसका अक्षरश: पालन करके मध्य प्रदेश सरकार ने, डॉ. मोहन यादव जी ने ये वक्फ बोर्ड बनाया है, और चूंकि मेरा दायरा वक्फ बोर्ड तक ही सीमित है, तो मैं वक्फ बोर्ड पर ही जवाब दे पाऊंगा."

इसके बाद मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल से मंदिर समितियों में मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में उनकी निजी राय पूछी गई, तो उन्होंने कहा,

"मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं, तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते भारतीय जनता पार्टी की राय ही मेरी राय है. मेरी अपनी निजी राय नहीं है. मेरी राय वही है, जो भारतीय जनता पार्टी की राय है."

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल के अलावा नए बने वक्फ बोर्ड में नई दिल्ली से नजमा हेपतुल्ला, भोपाल से आतिफ अकील, उज्जैन से फैजान खान, इंदौर से फातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान, इंदौर से मनोज मालपानी और गुना के राघोगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल हैं. पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसमें पदेन सदस्य के तौर पर काम करेंगे.

यह भी पढ़ें: मुस्लिम धार्मिक स्थानों पर HC का बड़ा आदेश, 'हर कब्र या दरगाह वक्फ प्रॉपर्टी नहीं'

राज्य सरकार ने वक्फ एक्ट, 1995 (2013 में संशोधित) की धारा 14 के तहत 19 अप्रैल, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए नजमा हेपतुल्ला को चुने गए सदस्यों की कैटेगरी में नियुक्त किया था. वे 18 अप्रैल, 2028 तक सदस्य बनी रहेंगी. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसलिए उनके कार्यकाल के बचे हुए समय के लिए उन्हें नए बने बोर्ड में भी शामिल किया गया है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदल जाएगा?

Advertisement