कोरोना के चलते टाली गई जनगणना फिर से शुरू होने वाली है. ये प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और फरवरी 2027 तक चलेगी. केंद्र सरकार ने इसके लिए 33 सवाल जारी किए हैं. इनमें बताया गया है कि लिव इन कपल्स को भी 'शादीशुदा' माना जाएगा. लेकिन ऐसा तभी होगा जब कपल्स मानेंगे कि उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है.
जनगणना में लिव-इन पार्टनर्स बन जाएंगे 'शादीशुदा', अगर रिश्ता टिकाऊ है
Census 2027 से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है. इस जनगणना में लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा, अगर वो अपने रिश्ते को स्टेबल मानते हैं. यानी अगर कपल्स को लगता है कि उनका रिश्ता लंबे समय तक चलेगा तो वो जनगणना में खुद को विवाहित के तौर पर रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर और जनगणना आयुक्त के मुताबिक, अगर दोनों अपने रिश्ते को एक स्थायी संबंध (Stable Union) मानते हैं, तो उन्हें एक शादीशुदा कपल के तौर पर रजिस्टर किया जाएगा. इस मुद्दे पर सरकार की ओर से पहली बार सार्वजनिक तौर पर सफाई आई है. क्योंकि इस बार स्व गणना पोर्टल (Self Enumeration Portal) पर खुद से फॉर्म भर कर लोग अपनी गिनती कर सकेंगे.
पिछली जनगणना का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने अखबार को बताया, “पहले भी ऐसे लिव इन कपल्स जो खुद को विवाहित बताते थे, उनको विवाहित के तौर पर ही गिना जाता था.”
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा. इस फेज को हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस के नाम से जाना जाएगा. इस फेज में घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी. वहीं दूसरे फेज में आबादी से जुड़ी डिटेल ली जाएगी.
सरकार की ओर से बताया गया है कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने की तारीख से पहले 15 दिन लोगों को खुद से जानकारी भरने (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा. ये जनगणना साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था. यह अब साल 2027 में पूरी होगी.
सरकार ने बताया है कि इस बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी. करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी जुटाएंगे. ये ऐप एंड्रॉयड और IOS दोनों पर काम करेंगे. जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा. आजादी के बाद पहली बार इस जनगणना में जाति की गिनती शामिल की गई है. इससे पहले अंग्रेजों के समय साल 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी.
वीडियो: राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर सवाल पूछे, गृह मंत्रालय से क्या जवाब आया?





















