लॉरेन्स बिश्नोई गैंग के 56 सदस्य जेलों में बंद हैं. बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में ही 31 आरोपी सलाखों के पीछे हैं. यहां तक कि गैंग का सरगना लॉरेन्स बिश्नोई और अनमोल भी साबरमती और तिहाड़ जेल में बंद है. फिर भी गैंग के ‘कारनामे’ नहीं थम रहे. सेलिब्रिटीज को निशाना बनाने का काम और अन्य क्रिमिनल ऐक्टिविटीज जारी हैं. ऐसे में सवाल है कि हर बार किसी नए वारदात को अंजाम देने के लिए गैंग में नए-नए लोग कहां से आ रहे हैं? इन लोगों को कौन मैनेज कर रहा है और ऐसे वारदात के लिए तैयार कौन कर रहा है?
अब तक 56 गुर्गे जेल में, लॉरेंस भी सलाखों के पीछे, फिर कैसे चल रहा गैंग?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित 56 सदस्य जेल में बंद हैं, लेकिन सेलिब्रिटीज को धमकियां देने और हमलों की घटनाएं थम नहीं रही हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अहमद अली की रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में बंद लॉरेन्स गैंग के कथित 56 सदस्यों पर बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान पर फायरिंग, फिल्म मेकर रोहित शेट्टी और फिल्म ऐक्टर रणवीर सिंह को धमकी देने के आरोप हैं. इन पर पुलिस ने ‘महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट’ (MCOCA) लगाया है. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) राज तिलक रोशन ने बताया कि इनमें से एक भी आरोपी अभी तक जमानत हासिल नहीं कर पाया है. फिर भी, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ इस कानून से ऐसे लोगों से निपटना मुश्किल है. यह कानून लॉरेन्स गैंग की गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है.
मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना जारीइतनी गिरफ्तारियों के बावजूद बॉलीवुड की हस्तियों और बड़े लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं. साथ ही ऐसी घटनाओं में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित भूमिका बनी हुई है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का नेटवर्क विदेश में बैठे लोगों के बलबूते चल रहा है. इनमें सोशल मीडिया हैंडल चलाने वाले कुछ लोग हैं. कुछ अन्य सहयोगी और युवा लड़के भी इस नेटवर्क में शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्मों की मदद से इन युवाओं को अपराध की दुनिया में खींचा जाता है.
पुलिस का मानना है कि लॉरेन्स गैंग ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के पुराने तरीके से काफी आगे निकल गया है. इस गैंग के लोग अलग-अलग जगहों से काम करते हैं. धमकियां देते हैं. रंगदारी वसूलते हैं. लोगों पर हमले करते हैं. अलग-अलग जगहों से ये सब करते हुए आपस में तालमेल भी बैठाकर रखते हैं. गैंग के सरगना से लेकर इसके तमाम मोहरे तक जेल में हैं. फिर भी जेल के बाहर इसके कई सारे मददगार हैं. वो अलग-अलग प्रदेशों में भी फैले हुए हैं. इन्हीं के जरिए हमलों से जुड़े निर्देश और उसके लिए सामान आदि की सप्लाई की जाती है.
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बाहर से कौन चला रहा गैंगमनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट बताती है कि नवंबर 2025 में अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद गैंग में शुभम लोनकर नाम के शख्स का प्रभाव बढ़ा है. वह महाराष्ट्र के अकोला का रहने वाला है. बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए हमलावरों की भर्ती का काम कथित तौर पर इसी ने किया था. पुलिस के सूत्रों ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना में भी वह संदिग्ध आरोपी है.
लॉरेन्स गैंग से जुड़े मामलों की जांच करने वालों ने कुछ और नाम पहचाने हैं, जो विदेश में रहकर गैंग के कामों में मदद करते हैं. हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्स उन्हीं में से एक है. वह राजस्थान का रहने वाला एक पूर्व मुक्केबाज है. उस पर जबरन वसूली के आरोप भी लगे हैं. कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के काफिले पर हमले में उसका हाथ बताया गया था. हैरी के अलावा आरजू बिश्नोई उर्फ नवीन कुमार भी है, जो भारत के बाहर काम करता है. रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग में उसका नाम सामने आया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों भी गैंग के लिए लड़कों की भर्ती का काम करता है और विदेश में रहता है.
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