बारिश हो रही है. सड़क के किनारे छाता लिए कुछ लोग खड़े हैं. दुकान के सामने एक हरे रंग की जीप पार्क है. बारिश से भीगती सड़क पर गाड़ियां आ रही हैं, जा रही हैं. एक सामान्य मॉनसूनी सन्नाटा पसरा हुआ है. किसी को भी खबर नहीं कि अगले कुछ सेकेंड में यहां क्या होने वाला है. कुछ-एक मिनट के बाद ही इस सीन में जबर्दस्त हलचल होती है. पीछे पहाड़ी की ओर से भयंकर गर्जना होती है. लोग दुकानों-घरों से भी ये देखने के लिए निकल आते हैं कि अचानक ये हुआ क्या. वो देखते हैं कि मिट्टी, कीचड़ और मलबे की एक बड़ी लहर सड़क की ओर धावा बोल रही है.
जब वायनाड के लोगों ने 'मौत' को आते देखा, भूस्खलन का वीडियो दहला देगा
केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी में भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें मलबे की तेज लहर सड़क पर दौड़ते टैंकर और वाहनों को अपनी चपेट में लेती दिख रही है. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है. कई लोग घायल हैं. कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं.


ये कोई बॉलिवुड फिल्म का सीन नहीं है. ये केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी में घटी एक सच्ची प्राकृतिक आपदा है, जिसमें अब तक 3 लोगों के मारे जाने की खबर है. 7 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुए इस भूस्खलन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. यह एक सीसीटीवी फुटेज का हिस्सा है, जिसमें मलबे का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर गिरने के बाद दहशत और तबाही के भयंकर दृश्य दिखाई दे रहे हैं. जहां ये घटना हुई, वहां वायनाड और मलप्पुरम जिलों को जोड़ने वाली एक सुरंग सड़क परियोजना का काम चल रहा था.
सबसे भयानक मंजरलैंडस्लाइड का सबसे भयानक मंजर तब सामने आता है, जब मलबे की ‘प्रलयंकारी’ लहर सड़क पर चल रहे एक बड़े टैंकर को अपनी चपेट में ले लेती है. कई टन वजनी टैंकर मलबे के जोर से खिलौने की तरह पीछे खिसकने लगता है. उसकी टक्कर से दुकान के सामने खड़ी हरी जीप भी कीचड़ और मलबे में फंस जाती है. मोटरसाइकिल गिर जाती है और देखते ही देखते पूरी सड़क गीली मिट्टी की मोटी परत से ढक जाती है. जान बचाने के लिए सड़क पर चल रहे लोग ऐसे भागते हैं, जैसे मौत उनका पीछा कर रही हो. कुछ भागने में सफल हो जाते हैं और कुछ मलबे की चपेट में भी आ जाते हैं.
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कुछ ऐसे बाल-बाल बचते हैं कि अगर सेकेंड भर की भी देरी हो जाती तो मलबा उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ जाता. एक महिला और एक व्यक्ति टैंकर के नीचे आने से जरा-सा बचते हैं. कीचड़ से सन गए दोनों हादसे के सदमे से डरे ज्यादा हैं या इस भयानक आपदा में बच जाने से खुश हैं, ये बता पाना मुश्किल है. वीडियो देखकर इतना जरूर कहा जा सकता है कि इन लोगों ने आज 'मौत' को अपनी तरफ आते देखा है.
चश्मदीद ने क्या बताया?घटना के एक चश्मदीद ने टीओआई को बताया कि उसने पहले एक हल्की सी आवाज सुनी थी. वो तुरंत अपनी दुकान से भागे. उन्होंने मिट्टी के एक छोटे से हिस्से को नीचे खिसकते हुए देखा. फिर ये छोटा सा हिस्सा अचानक बड़े लैंडस्लाइड में बदल गया. लोग बसस्टॉप पर गाड़ी का वेट कर रहे थे. मजदूर साइट पर काम कर रहे थे. उन्होंने कहा,
जैसे ही हमने उन्हें भागने के लिए कहा, पुल के दूसरी तरफ खड़ा एक टैंकर ट्रक भूस्खलन की चपेट में आ गया और हमारी तरफ बहता चला आया. मुझे लगता है कि लगभग 10-15 लोग इसके नीचे दब गए. अब तक 4 लोगों को बचाया जा चुका है. हमें अभी भी नहीं पता कि पुल पर मौजूद लोग नदी में गिरे हैं या मलबे के नीचे फंसे हुए हैं.
घटना वाली जगह के आसपास कई घर और होमस्टे भी हैं. आशंका है कि मलबे में और लोग फंसे हो सकते हैं. केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने इस हादसे को लेकर कहा कि यह प्राकृतिक नहीं है बल्कि इंसानों की वजह से आया है. उनका आरोप है कि ट्विन टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रही कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) इस हादसे की वजह है.
तीन लोगों की मौतइंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है. 8 लोग घायल हुए हैं. कम से कम 7 मजदूर अब भी लापता हैं. जिस जगह ये हादसा हुआ, वहां लगातार भारी बारिश हो रही है. 24 घंटे में यहां 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश है. मुंडक्कई के पास के इस इलाके में 2024 में भी विनाशकारी भूस्खलन हुआ था.
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