नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. इस हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 133 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं. नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बड़े भूस्खलन के बाद यह आपदा आई. इसके पीछे ग्लेशियर टूटने की आशंका भी जताई जा रही है. राहत और बचाव दलों ने अब तक 216 लोगों को सुरक्षित बचाया है, जबकि कई सड़कें और पुल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
Nepal Flood में फंसे 133 भारतीयों का क्या हुआ, 160 मौतों के बाद Bihar क्यों Alert पर?
नेपाल में आई भीषण बाढ़ से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं. इस आपदा का असर बिहार पर भी पड़ा है, जहां गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई जिलों को अलर्ट पर रखा गया है.
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भारत ने नेपाल को राहत सामग्री भेजी है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है. इस बाढ़ का असर बिहार पर भी पड़ा है. नेपाल से आया पानी गंडक नदी के रास्ते बिहार पहुंचा, जिसके बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए. पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार के कई जिलों को अलर्ट पर रखा गया है. आखिर नेपाल में इतनी बड़ी तबाही कैसे हुई और बिहार में बाढ़ का खतरा कितना है? जानिए पूरी जानकारी, देखिए पूरी रिपोर्ट.
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