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कर्नाटक में पकड़े गए 911 अवैध प्रवासी, इनमें से 868 सिर्फ बांग्लादेश के, 365 पर क्रिमिनल केस भी

Karnataka में तीन साल में 911 अवैध प्रवासियों की पहचान हुई. इनमें से 365 आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए. इन अवैध प्रवासियों में से 868 बांग्लादेश के नागरिक थे. आपराधिक रिकॉर्ड वाले अवैध प्रवासियों में सबसे ज्यादा नाइजीरिया के थे.

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कर्नाटक में तीन साल में 911 अवैध प्रवासियों की पहचान हुई. (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)

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  • कर्नाटक सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राज्य में कुल 911 अवैध प्रवासियों की पहचान की है, जिनमें से 365 के खिलाफ क्रिमिनल केस भी दर्ज किए गए हैं।
  • यह कार्रवाई बिना वैध दस्तावेज या एक्सपायर्ड वीजा वाली विदेशी नागरिकों की पहचान और जांच के इर्द-गिर्द चल रहे अभियान का हिस्सा है।
  • पहचाने गए अवैध प्रवासियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है, जिनके खिलाफ आगे की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

कर्नाटक सरकार ने पिछले तीन सालों में राज्य में 911 अवैध प्रवासियों की पहचान की है. इनमें से 365 पर क्रिमिनल केस भी दर्ज है. पहचाने गए अवैध प्रवासियों में सबसे ज्यादा बांग्लादेश से थे. इसके अलावा पाकिस्तान, नाइजीरिया, श्रीलंका, म्यांमार और युगांडा से आए प्रवासी भी अवैध ढंग से रह रहे थे. राज्य के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार, 20 अगस्त को कर्नाटक विधान परिषद में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. 

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहचाने गए 911 अवैध प्रवासियों में से 868 बांग्लादेश से थे. प्रियांक खरगे ने बताया कि कर्नाटक सरकार राज्य में रह रहे विदेशी लोगों की जांच कर रही है. इस अभियान के तहत उन विदेशियों की पहचान की जा रही है जो बिना किसी वैध दस्तावेज (जैसे पासपोर्ट या आईडी) के रह रहे हैं या जिनका वीजा एक्सपायर हो चुका है. इसके बावजूद, तय समय से ज्यादा समय से वहां रह रहे हैं. 

बेंगलुरु शहर में पहचाने गए 5,304 विदेशी नागरिकों में से 446 तय समय से ज्यादा समय तक रुके हुए पाए गए. सभी मामलों में अवैध प्रवासियों की संख्या का जिला-वार डेटा उपलब्ध नहीं था. 

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आपराधिक मामलों में नाइजीरिया सबसे ऊपर

आपराधिक मामलों वाले 365 अवैध प्रवासियों में से नाइजीरियाई लोगों का समूह सबसे बड़ा था, जिनके खिलाफ 135 मामले दर्ज थे. इसके बाद बांग्लादेशी (48) और नेपाली (44) थे. बाकी मामलों में म्यांमार (20), आइवरी कोस्ट (13), युगांडा (13), घाना (11), सूडान (9), यूक्रेन (9), ईरान (9), केन्या (8), श्रीलंका (7), गाम्बिया (5), इथियोपिया (5), तंजानिया (4), अमेरिका (4), कैमरून (3) और इंडोनेशिया (3) जैसे देशों के नागरिक शामिल थे.

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वेरिफिकेशन प्रोसेस में जिला पुलिस मॉड्यूल और फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल का इस्तेमाल किया गया. जिन मामलों में आगे की कार्रवाई की जरूरत थी, उन्हें संबंधित अधिकारियों और इमिग्रेशन अधिकारियों को भेज दिया गया. वेरिफिकेशन प्रोसेस के तहत इन लोगों की जानकारी इकट्ठा की गई. इसमें उनकी नागरिकता और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले शामिल हैं. 

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