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सालगिरह के दिन महिला ने 14 महीने की बेटी को छत से फेंका, पिता ने कैच कर बचा लिया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मृतक ने अपनी बेटी को भी छत से नीचे फेंका था. लेकिन उसकी जान बच गई है. बताया गया कि महिला ने ये कदम सालगिरह वाले दिन उठाया.

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महिला की शादी को 7 अक्टूबर को 3 साल हुए थे. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • कानपुर में एक महिला ने अपनी 14 महीने की बेटी को छत से नीचे फेंका और बाद में खुद की जान ले ली, जिस दौरान बच्ची की जान बच गई और महिला की मौत हो गई।
  • यह घटना पति-पत्नी के तीन साल पूरे होने के जश्न के दौरान हुई झगड़े के बाद हुई जब महिला की बहन ने घर छोड़ दिया था, जिससे महिला आहत हो गई।
  • घटना के बाद बच्ची को अस्पताल में सुरक्षित माना गया और महिला को इलाज के दौरान मौत हुई, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा एवं अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महिला ने कथित तौर पर अपनी 14 महीने की बेटी को छत से नीचे फेंक दिया. फिर खुद की भी जान ले ली. हालांकि घटना में बच्ची की जान बच गई, लेकिन मां की अत्यधिक चोट लगने के कारण मौत हो गई. मृतक की पहचान मर्दनपुर निवासी 20 वर्षीय रोशनी के रूप में हुई है. बताया गया कि रोशनी ने ये कदम सालगिरह वाले दिन उठाया.

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मृतक रोशनी के पति का नाम नूर आलम है. नूर सिलाई का काम करते हैं. 7 अक्टूबर को दोनों की शादी को 3 साल हुए थे. घर में इसी का जश्न मनाया जा रहा था. इंडिया टुडे से जुड़े सिमर चावला की रिपोर्ट के मुताबिक, फंक्शन में रोशनी की बहन इशरत भी आई थी. केक कटिंग के बाद सभी ने खाना खाया.

पति-बहन में हुआ था झगड़ा

सब सही चल रहा था कि किसी बात को लेकर नूर आलम और इशरत के बीच बहस हो गई. ये इतनी बढ़ गई कि रात के समय ही इशरत अपनी बहन के घर से जाने लगी. रोशनी ने उसे खूब समझाया, लेकिन उसने नहीं सुनी और घर से निकल गई.

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परिजनों ने बताया कि इससे आहत होकर रोशनी दूसरी मंजिल पर 14 महीने की बेटी को लेकर गई. वहां से उसने पहले बच्ची को नीचे फेंका. लेकिन नूर आलम बाहर था. उसने तुरंत बेटी को पकड़ लिया. पर वो समझ पाता कि ये सब क्या हुआ है, उतनी ही देर में रोशनी ने भी खुद की जान ले ली.

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बच्ची को बताया खतरे से बाहर 

घटना के तुरंत बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची खतरे से बाहर है. लेकिन रोशनी को काफी ज्यादा चोटें आई थीं. उसका इलाज किया जा रहा था. हालत ज्यादा बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे 9 अक्टूबर को हैलट अस्पताल रेफर कर दिया. मगर दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. उसने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए पहले परिजन तैयार नहीं थे. लेकिन थाना प्रभारी राजन शर्मा के समझाने के बाद वे तैयार हुए. उन्होंने बताया का अब तक मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. कोई कंप्लेन आती है, तो उसी आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी.

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