लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा धंसने के बाद जो विवाद शुरू हुआ, वो अभी तक नहीं थमा. अब इस मामले पर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक का एक और बयान आया है. कंपनी ने कहा कि सड़क को जो नुकसान हुआ, वो लगातार बारिश होने और पानी जमा होने की वजह से हुआ है. एक्सप्रेसवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के मानकों के मुताबिक ही बनाया गया है.
'कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क बारिश से धंसी, हमारे काम में कमी नहीं', PNC इंफ्राटेक का नया बयान
Lucknow Kanpur 6 Lane Expressway में हुए नुकसान को लेकर PNC Infratech कंपनी का एक और बयान आया है. कंपनी ने सड़क पर हुए नुकसान का जिम्मेदार भारी बारिश को बताया है.

PNC इंफ्राटेक ने शुक्रवार, 7 अगस्त को जारी एक बयान में अपनी सफाई दी. PNC इंफ्राटेक के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के जिन हिस्सों में नुकसान हुआ है, भारी बारिश की वजह से हुआ है. न कि सड़क बनाने के दौरान हुए किसी काम की कमी के कारण. कंपनी ने आगे बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया गया था. इसे बनाने में NHAI के टेक्निकल मानकों और क्वालिटी नियमों का पालन किया गया था.

कंपनी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही सुचारू रूप से बिना किसी समस्या के जारी है. एक्सप्रेसवे से सफर करने वाले लोगों को किसी भी तरह की समस्या नहीं हो रही है. कुछ जगहों पर जो भी नुकसान हुआ है वो तेज बारिश और पानी जमा होने की वजह से हुआ है. कंपनी उन जगहों की फौरन मरम्मत कर रही है. मरम्मत करने में जो भी खर्च आ रहा है, वो कंपनी खुद ही उठाएगी.

कंपनी ने यह भी साफ किया कि सड़क की मरम्मत करने में आने वाले खर्च का भार NHAI पर नहीं है. इंडिया टुडे से जुड़े सिमर चावला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 6 लेन एक्सप्रेसवे को बनाने में 4800 करोड़ रुपये खर्च हुए. पिछले महीने 13 जुलाई को इसका उद्घाटन हुआ. इस प्रोग्राम में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शामिल हुए थे.
मामला सामने आने के बाद NHAI ने अपने तीन इंजीनियर्स को हटा दिया और एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को नॉन परफॉर्मर घोषित कर दिया.
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