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कालकाजी गैंगरेप का आरोपी आसिफ पुलिस के साथ काम कर चुका है: रिपोर्ट

Kalkaji Delhi Gang rape Case: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ था. पुलिस को इस मामले में पता लगा है कि एक आरोपी पहले पुलिस मुखबीर था.

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दिल्ली रेप मामले में पुलिस तीन आरोपियों को अरेस्ट कर चुकी है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • दिल्ली के कालकाजी में 21 सितंबर को 17 वर्ष की नाबालिग के साथ तीन आरोपियों ने पुलिसकर्मी बनकर उसे धमकाकर कथित तौर पर गैंगरेप किया, जिसमें एक आरोपी पूर्व पुलिस मुखबिर आसिफ शामिल था।
  • आसिफ पर पहले भी एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का आरोप था, और वह कुछ समय तक पुलिस के लिए मुखबिर के रूप में काम करता था, जिससे उसे इलाके की जानकारी मिली थी।
  • पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जांच जारी है कि आसिफ ने अपनी पूर्व पुलिस संबंधों का दुरुपयोग किया या अन्य अपराध किये हैं।

दिल्ली के कालकाजी गैंगरेप केस का एक आरोपी पहले पुलिस मुखबिर के तौर पर काम करता था. बताया जा रहा है कि आरोपी आसिफ ने कुछ समय तक पुलिस के लिए काम किया था. उस पर पहले भी एक लड़की के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा था.

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21 सितंबर को 17 साल की नाबालिग के साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया था. वह अपने दोस्त के साथ आस्था कुंज पार्क में थी. तभी आसिफ, हेमंत और उसका भाई मुकेश वहां आए. तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता को उसके दोस्त से अलग कर दिया था.

पुलिस ने बताया कि आसिफ ने लड़की को पिस्टल और चाकू दिखाकर धमकाया. फिर उसके साथ कथित तौर पर रेप किया. हेमंत और मुकेश ने भी पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया. घटना के बाद लड़का और लड़की ने एक ऑटो-रिक्शा लिया और पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया. पुलिस के कहने के बाद लड़की ने आरोपियों का हुलिया बताया.

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रिकॉर्ड में थी आसिफ की जानकारी

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने लड़की के बताए चेहरे के आधार पर सब्जी बेचने वाले और पूर्व पुलिस मुखबिर आसिफ (34) की पहचान की.

पुलिस मुखबिर उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो अपराधियों, असामाजिक गतिविधियों या गोपनीय जानकारी पुलिस तक पहुंचाता है. एक्सप्रेस से बात करते हुए एक सूत्र ने बताया,

“पुलिसकर्मियों ने आसिफ की जानकारी सीनियर अधिकारियों के साथ शेयर की थी. उन्हें बताया कि उसे पहले भी छेड़छाड़ के आरोप में स्थानीय पुलिस ने पकड़ा था. मगर कोई शिकायत दर्ज न होने की वजह से उसे छोड़ दिया गया. ”

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दक्षिण-पूर्वी जिला के DCP विनीत कुमार ने बताया कि पुलिस स्टाफ के पास इलाके के सभी बदमाशों की जानकारी होती है. आसिफ की जानकारी भी उनके पास मौजूद थी.

बेटी को छोड़ने के बाद गया था पार्क

आसिफ की पहचान करने के बाद उसे कॉल किया गया. मगर उसका फोन बंद था. पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से उसकी लोकेशन का पता किया, जो DDA पार्क में मिली. मंगलवार, 22 सितंबर को उसे एनकाउंटर के बाद पकड़ लिया गया. उसके पैर में गोली लगी थी. पुलिस का कहना है कि पहले उसने गोली चलाई थी. पूछताछ के दौरान आसिफ ने बताया कि घटना वाले दिन वह अपनी बेटी को छोड़ने के बाद पार्क गया था.

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पुलिस आगे जांच कर रही है कि क्या आसिफ ने किसी और के साथ मारपीट या बदसलूकी की है. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या आसिफ ने इलाके में शक से बचने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ अपनी पुरानी जान-पहचान का गलत फायदा उठाया था. पुलिस का कहना है कि मुखबिर के तौर पर उसकी पुरानी भूमिका से उसे कोई सुरक्षा नहीं मिली. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

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