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जोशीमठ हेलिकॉप्टर क्रैश में सभी यात्रियों की मौत, हादसे की पूरी कहानी सामने आई

Joshimath Badrinath Helicopter crash: श्रद्धालु गुरुवार को बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे. दर्शन के बाद वे माना गांव गए. वहां से वापस आने के बाद उन्होंने हेलीपेड में काम करने वाले गाइड से पूछा था- 'क्या हम आज ही वापस लौट सकते हैं.'

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जोशीमठ-बद्रीनाथ के बीच एक हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • जोशीमठ में हेलिकॉप्टर क्रैश में पायलट समेत सभी छह यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें पायलट हिमांशु और श्रद्धालु शामिल प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के तथा एच. एस नटराज थे।
  • यह दुर्घटना खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण हुई, जिससे उड़ान में देरी हुई और टेक ऑफ के 15 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क खो गया।
  • घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए और प्रभावित परिवारों को सहायता देने के निर्देश जारी किए हैं।

जोशीमठ हेलिकॉप्टर क्रैश में पायलट समेत सभी यात्रियों की मौत हो गई है. हादसे के कुछ देर बाद हेलिकॉप्टर का मलबा मिल गया है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों के सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी शवों को बरामद कर लिया गया है. घटनास्थल से कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं. हालांकि तस्वीरें देखकर साफ नहीं हो रहा कि दुर्घटनाग्रस्त एयरक्राफ्ट वाकई में हेलिकॉप्टर था या कोई छोटा यात्री विमान.

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तस्वीरों में एक पीले रंग का एयरक्राफ्ट झाड़ियों के बीच पड़ा दिख रहा है. उसके पीछे का पूरी तरह हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है.

मृतक श्रद्धालुओं की पहचान शामिल प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एच. एस नटराज के रूप में हुई है. पांचों बेंगलुरु के कर्नाटक के रहने वाले थे. वे   बद्री विशाल के दर्शन करने आए थे. एयरक्राफ्ट दिल्ली के रहने वाले हिमांशु उड़ा रहे थे.

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खराब मौसम के कारण देर से भरी उड़ान

इंडिया टुडे से जुड़े कमल नयन सिलोरी की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धालु गुरुवार, 29 अक्टूबर को बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे. सुबह करीब 10 बजे उनका हेलिकॉप्टर धाम पर उतरा था.

दर्शन के बाद वे माना गांव गए. वहां से वापस आने के बाद उन्होंने हेलीपेड में काम करने वाले गाइड से पूछा था- 'क्या हम आज ही वापस लौट सकते हैं.' मगर मौसम खराब होने की वजह से हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका.

बताया गया कि इन यात्रियों को शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ही वापस लौटना था. लेकिन खराब मौसम और कम विजिबिलिटी की वजह से उड़ान में देरी हुई. कुछ देर इंतजार के बाद दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर उनके हेलिकॉप्टर ने बद्रीनाथ धाम से टेक ऑफ किया.

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रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान भरने के महज 15 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेस से पूरी तरह संपर्क टूट गया. उसका कुछ पता नहीं चला, जिसके बाद भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को खोज और बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया. घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त हेलिकॉप्टर मिला.

मुख्यमंत्री ने जताया घटना पर दुख

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर हादसे में लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया. उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं.

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को हादसे के कारणों की डिटेल जांच करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करें. और तुरंत जरूरी राहत व अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घटना पर दुख जताने के साथ कहा है कि हवाई सेवाओं को सुरक्षित बनाना जरूरी है. क्योंकि एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं को सुरक्षित बनाने पर काम करना चाहिए.

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