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JNU ने प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा अकोइजम को बर्खास्त किया, यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था

JNU professor Angomcha Bimol Sacked: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त कर दिया है. अंगोमचा बिमोल स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रोफेसर है.

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प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद भी है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी ने इंटर्नल कमिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
  • ग्यारह छात्रों द्वारा मई 2026 में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने और इसके बाद लंबित जांच तथा दिल्ली कमीशन फॉर विमेन की रिपोर्ट मांगे जाने के कारण विश्वविद्यालय ने अंततः कार्रवाई की।
  • बर्खास्तगी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अंगोमचा बिमोल के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिससे राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे पर बहस और विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त कर दिया है. बर्खास्तगी तत्काल प्रभाव से लागू की गई है. यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद यूनिवर्सिटी ने ये कदम उठाया. इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा JNU में स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रोफेसर थे.

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सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स की 11 छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. यूनिवर्सिटी की इंटर्नल कमिटी (IC) ने मामले की जांच की. इंवेस्टिगेशन के बाद IG ने बिमोल अकोइजम के खिलाफ कड़ी सजा की सिफारिश की थी. शुक्रवार, 9 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी गई.

यूनिवर्सिटी ने अपने आदेश में बताया, 

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“सभी तथ्यों पर विचार करने और इंटर्नल कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है.”

आदेश पर वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के हस्ताक्षर थे.

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यूनिवर्सिटी का पोस्ट (Courtesy-ANI)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. बीजेपी, कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही पर सवाल उठा रही है. प्रदर्शन में BJP, राहुल गांधी के पितृसत्ता-विरोधी अभियान और इस मामले के बीच विरोधाभास उजागर करेगी. 

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मई 2026 में की थी शिकायत

बताया गया कि छात्राओं ने मई 2026 में वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी. पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई थी. सितंबर में दिल्ली कमीशन फॉर विमेन (DCW) ने मामले पर JNU प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी.

छात्राओं की शिकायत के बाद पिछले महीने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया था. अब मामले में कार्रवाई के बाद ABVP ने इसे कैंपस में न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया. 

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सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं अंगोमचा

अंगोमचा बिमोल अकोइजम मणिपुर के रहने वाले हैं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, वह सामाजिक और मानवाधिकार मुद्दों पर लंबे समय से आवाज उठाते आ रहे हैं. 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद अंगोमचा बिमोल ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा.

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 'इनर मणिपुर' सीट से चुनाव लड़ा. उन्होंने BJP उम्मीदवार को 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था. संसद में प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अपने तीखे और प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं. उनके भाषण मणिपुर में शांति बहाली, पीड़ितों के पुनर्वास और पूर्वोत्तर के अधिकारों से जुड़े होते हैं.

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