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सरकार ने परीक्षा कराई, 75% कैंडिडेट पेपर दे ही नहीं पाए, वजह जान सिस्टम पर रोना आएगा

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 19 जुलाई को फील्ड वर्कर पोस्ट के लिए परीक्षा कराई. लेकिन लगभग 75 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने सेंटर पर नहीं पहुंच पाए, क्योंकि किसी का एग्जाम सेंटर इतनी दूर दे दिया गया कि तय समय में वहां पहुंचना संभव नहीं था. वहीं कई छात्रों का एडमिट कार्ड परीक्षा के बाद उनके ईमेल पर आया.

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JSSC की लापरवाही के चलते 75 प्रतिशत कैंडिडेट एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाए. (JSSC)

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  • झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 19 जुलाई 2024 को फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा आयोजित की, जिसमें करीब 75 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
  • परीक्षा केंद्रों की दूरी अधिक होने और एडमिट कार्ड की समय पर प्राप्ति नहीं होने के कारण कई उम्मीदवार परीक्षा देने में असमर्थ रहे।
  • इस स्थिति के बाद उम्मीदवारों ने परीक्षा व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया, जबकि आयोग ने सभी जानकारी समय पर वेबसाइट पर उपलब्ध कराई होने की बात कही।

देश भर में भर्ती परीक्षाएं छात्रों की उम्मीदों की कब्रगाह बनती जा रही हैं. परीक्षा के नाम पर उनके भविष्य से खिलवाड़ जारी है. कभी परीक्षा के पहले पेपर लीक हो जाता है. कभी परीक्षा के बाद. लेकिन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की फील्ड वर्कर परीक्षा में तो अति हो गई. यहां उनकी उम्मीद सरकारी व्यवस्था की लापरवाही की भेंट चढ़ गई. सूरतेहाल ये रहा कि आवेदन करने वाले करीब 75 फीसदी कैंडिडेट परीक्षा देने ही नहीं पहुंच सके. किसी का एग्जाम सेंटर इतनी दूर दे दिया गया कि तय समय में वहां पहुंचना संभव नहीं था. वहीं कई छात्रों का एडमिट कार्ड परीक्षा के बाद उनके ईमेल पर आया.

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75 फीसदी कैंडिडेट नहीं दे पाए एग्जाम

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने साल 2024 में 510 फील्ड वर्कर की बहाली निकाली थी. इसके लिए 3 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे. भर्ती का नोटिफिकेशन आने के करीब दो साल बाद 19 जुलाई को परीक्षा कराई गई. लेकिन सिस्टम की लापरवाही का आलम रहा कि लगभग 75 परसेंट कैंडिडेट का एग्जाम छूट गया.

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साहिबगंज के रूपेश कुमार को गुमला में एग्जाम सेंटर मिला. यह उनके घर से करीब 550 किलोमीटर दूर था. उनका कहना है कि एडमिट कार्ड का ईमेल उनको 19 जुलाई की दोपहर में मिला. तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी. रूपेश ने बताया कि अगर पहले सूचना मिल जाती तो दो दिन पहले निकल जाते. दो साल से जिस परीक्षा का इंतजार था उस परीक्षा में बैठ नहीं पाया.

हजारीबाग के गणेश कुमार सोनकर का एग्जाम सेंटर देवघर दे दिया गया. उनको भी एडमिट कार्ड का मेल नहीं आया. गणेश ने दावा किया कि वेबसाइट देखने पर उनको एग्जाम सेंटर का पता चला. झारखंड के अलावा बिहार के भी कई कैंडिडेट ने यही शिकायत की है. उनका कहना है कि एडमिट कार्ड की सूचना परीक्षा के बाद ईमेल पर पहुंची. ऐसे में वे चाहकर भी परीक्षा में नहीं बैठ सके.

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आयोग ने क्या बताया?

JSSC ने इन आरोपों पर सफाई दी है. उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़ी सारी जानकारी पहले ही आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई थी. आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता ने बताया कि सिटी इंटिमेशन स्लिप, एडमिट कार्ड और सभी जरूरी लिंक समय पर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए थे. उम्मीदवार वहां से जानकारी और एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते थे.

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