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नीतीश कुमार की जेडीयू का नाम बदलेगा? कार्यकारी अध्यक्ष ने ये नाम सुझाया

जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी का नाम बदलकर ‘JDU-नीतीश’ रखने का सुझाव दिया है. बिजेंद्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया है, हालांकि पार्टी ने अभी कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है.

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नीतीश कुमार (बाएं) वाली जेडीयू का नाम बदलने का प्रस्ताव संजय झा (दाएं) ने दिया है. (फोटो- India Today)

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  • जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी का नाम बदलकर "जेडीयू-नीतीश" करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे कई वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन दिया है।
  • यह प्रस्ताव उस राजनीतिक इतिहास और नीतीश कुमार की लीडरशिप से प्रेरित है, जो जेडीयू के गठन और संचालन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि नाम परिवर्तन का औपचारिक निर्णय अभी लेना बाकी है।
  • अगर नाम परिवर्तन को मंजूरी मिलती है, तो यह पार्टी की पहचान में बदलाव लाएगा और इसका असर बिहार की राजनीति तथा पार्टी के भविष्य के निर्णयों पर पड़ेगा।

शरद यादव की ‘जनता दल’ और नीतीश कुमार की ‘समता पार्टी’ को मिलाकर बनी जनता दल यूनाइटेड का नाम बदलने की तैयारी है. इस पार्टी के नाम से नीतीश कुमार का नाम जोड़ने की मांग उठी है. यानी अगर ये प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो बिहार पर 20 साल तक शासन करने वाली पार्टी जेडीयू का नाम ‘जेडीयू-नीतीश’ हो जाएगा. कहा जा रहा है कि पार्टी के सुप्रीम लीडर और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सम्मान में ये बदलाव किया जाएगा. 

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सुझाव जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने दिया है. टीओआई ने अपनी एक रिपोर्ट में एक कथित वीडियो का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें संजय झा को यह कहते सुना गया है, 

जेडीयू की प्रतिष्ठा नीतीश कुमार की देन है. पार्टी की विचारधारा नीतीश की राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित है. इसलिए हमें पार्टी का नाम बदलकर जेडीयू-नीतीश रखने पर विचार करना चाहिए.  

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संजय झा के इस प्रस्ताव को बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्री श्रवण कुमार समेत जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला है. बिजेंद्र यादव ने कहा कि यह बहुत अच्छा सुझाव है. इस मामले पर औपचारिक चर्चा होनी चाहिए ताकि कोई फैसला लिया जा सके. वहीं, श्रवण कुमार ने कहा कि इससे बेहतर प्रस्ताव हो ही नहीं सकता था. मेरा सुझाव है कि पार्टी जल्द से जल्द एक औपचारिक प्रस्ताव लाए. यह सर्वसम्मति से पारित हो जाएगा.

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जेडीयू का गठन 2003 में शरद यादव के नेतृत्व वाली जनता दल और नीतीश कुमार की समता पार्टी के विलय से हुआ था. शरद यादव 2016 तक जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे, लेकिन नीतीश कुमार को ही पार्टी का वास्तविक नेता माना जाता था. नीतीश ने 2016 में औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाला था.

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हालांकि, जेडीयू ने अभी तक पार्टी का नाम बदलने से जुड़ा कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है.

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