दिल्ली में अगर आपको सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना है, तो अब जंतर-मंतर से दूर रहना होगा. प्रदर्शनकारियों के लिए सिर्फ अपनी मांगें लेकर सड़क पर उतरना काफी नहीं होगा. आपको इसके लिए अच्छी-खासी रकम भी खर्च करनी पड़ सकती है. दरअसल, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह तीन नई प्रोटेस्ट साइट्स तय की हैं. 12 अक्टूबर को जारी एडवाइजरी के मुताबिक, अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और शाहदरा के CBD ग्राउंड में प्रदर्शन किए जा सकेंगे.
जंतर-मंतर पर बैन! रामलीला मैदान, बुराड़ी और CBD ग्राउंड पर प्रोटेस्ट के लिए कितने पैसे लगेंगे?
जंतर-मंतर तय प्रोटेस्ट साइट लिस्ट से हट गया है. अब दिल्ली में केवल तीन जगह- रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड पर प्रदर्शन हो सकेंगे. लेकिन, नई प्रोटेस्ट साइट की दूरी, बुकिंग और खर्च जैसे सवाल अब भी बने हुए हैं.

लेकिन, यहां एक पेच है. रामलीला मैदान में एक दिन प्रदर्शन करने के लिए शुरुआती खर्च करीब 1 लाख 21 हजार रुपये तक पहुंच सकता है. ऐसे में सवाल है कि ये तीनों मैदान आखिर कहां हैं? जंतर-मंतर से कितनी दूर हैं? यहां कितने लोग जुट सकते हैं? प्रदर्शन करने के लिए कितने पैसे खर्च करने पड़ेंगे?
शुरुआत रामलीला मैदान से करते हैंरामलीला मैदान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास है और जंतर-मंतर से करीब 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर है. करीब 12 एकड़ में फैले इस मैदान में लगभग 50 हजार लोग जुट सकते हैं. रामलीला मैदान का इतिहास भी काफी पुराना है. यहां दशकों से राजनीतिक रैलियां और बड़े जन आंदोलन होते रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने भी 2013, 2015 और 2020 में इसी मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

लेकिन यहां प्रदर्शन करना इतना आसान नहीं होगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले ढाई महीने में रामलीला मैदान की सिर्फ तीन तारीखें, 29, 30 और 31 दिसंबर, बुकिंग के लिए खाली हैं. पूरे मैदान को एक दिन के लिए बुक करने का शुरुआती खर्च करीब 1 लाख 21 हजार रुपये बताया जाता है. इसमें किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट और टैक्स शामिल हैं. बुकिंग के लिए दिल्ली पुलिस से मंजूरी लेना भी जरूरी है. हालांकि, मैदान के एक छोटे हिस्से में करीब 150 लोग मुफ्त में जुट सकते हैं.
अब बात बुराड़ी ग्राउंड कीबुराड़ी ग्राउंड नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में है और जंतर-मंतर से करीब 18 से 20 किलोमीटर की दूरी पर है. करीब 50 एकड़ में फैला ये ग्राउंड, तीनों प्रोटेस्ट साइट में सबसे बड़ा है. बताया जाता है कि यहां 50 हजार से ज्यादा लोग जुट सकते हैं. किसी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने वाले हैं, तो जगह के लिहाज से ये मैदान काफी बड़ा है. लेकिन इसकी दूरी एक बड़ी चुनौती हो सकती है. क्योंकि प्रदर्शनकारियों को वहां तक पहुंचने के लिए पहले से ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी.

CBD ग्राउंड पूर्वी दिल्ली में विकास मार्ग के पास है और जंतर-मंतर से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर है. ये मैदान भी करीब 12 एकड़ में फैला है. द पायनियर की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके आसपास बाजार, रिहायशी इलाके, दो मॉल, एक पांच सितारा होटल और बैंक्वेट हॉल हैं. ऐसे में यहां बड़े प्रदर्शन होने पर आसपास के लोगों और कारोबार पर असर पड़ने की चिंता जताई गई है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर एक हजार से ज्यादा लोगों के जुटने पर आसपास की सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है. इससे ट्रैफिक जाम होने लगता है. इसके अलावा, आसपास संवेदनशील जगहें होने के कारण सुरक्षा की चिंता भी रहती है.
इससे पहले 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि जंतर-मंतर की जगह ऐसा प्रदर्शन स्थल तय किया जाए, जहां पानी, टॉयलेट और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाएं हों.

इसके दो दिन बाद, 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के आदेश से इन तीन नए मैदानों को प्रदर्शन स्थल के तौर पर तय किया गया. हालांकि, इन जगहों पर प्रदर्शन करने के लिए नए नियम और प्रक्रिया अलग से जारी की जानी है.
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कुल जमा बात ये कि, अब दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तीन नई जगहें तो मिल गई हैं. लेकिन दूरी, बुकिंग और खर्च जैसे सवाल अब भी बने हुए हैं. ऐसे में देखना होगा कि नई व्यवस्था में लोगों के लिए अपनी बात सरकार तक पहुंचाना कितना आसान रहता है.
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