रूस से तेल खरीदने पर भारत ‘सिलेक्टिव टारगेटिंग’ यानी पक्षपात वाली कार्रवाई का शिकार हो रहा है. नई दिल्ली में पोलैंड के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की (Radoslaw Sikorski) से जब ये बात भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कही तो उन्हें ‘हां’ में जवाब मिला. जबकि, पोलैंड यूरोप के उन देशों में शामिल है, जो रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में यूक्रेन का पक्षकार है. तीन दिन के भारत दौरे पर आए सिकोरस्की को जयशंकर ने उनकी ‘पाकिस्तान यात्रा’ पर भी उलाहना दिया और सलाह दी कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में पोलैंड को किसी भी तरह की मदद नहीं करनी चाहिए.
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से कहा कि भारत अमेरिका के सेलेक्टिव टारगेटिंग का शिकार हो रहा है. उन्होंने सिकोरस्की की पाकिस्तान यात्रा को लेकर भी उनसे शिकायत की.


बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सिकोरस्की दो दिन के लिए पाकिस्तान गए थे. उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने कश्मीर को लेकर बयान भी जारी किए थे. इन बातों को लेकर एस जयशंकर ने रादोस्लाव सिकोरस्की से कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जारी रखना चाहिए.
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा,
आपको हमारे क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी है. आप हमारे देश में सीमा पार आतंकवाद की चुनौतियों को जानते हैं. मुझे उम्मीद है कि हमारी मीटिंग में हम पाकिस्तान की आपकी हालिया यात्रा पर भी बात करेंगे. पोलैंड को आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाना चाहिए और भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे (Terrorist Infrastructure) को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मीटिंग में जयशंकर ने सिकोरस्की के सामने भारत पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा,
पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में और इस साल जनवरी में पेरिस में मैंने आपके (सिकोरस्की) साथ यूक्रेन संघर्ष पर अपने विचार बताए हैं. इस दौरान मैंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को खासतौर पर निशाना बनाया जाना ठीक नहीं है और यह इंसाफ भी नहीं है. आज मैं फिर वही बात दोहरा रहा हूं.
बता दें कि जयशंकर का इशारा अमेरिकी टैरिफ की ओर था, जो रूस से तेल खरीदने के नाम पर अमेरिका ने भारत पर लगाए हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ अमेरिका ने भारत पर ही लगाया है. इसमें 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ है और 25 फीसदी रूस से तेल खरीद की पेनल्टी है.
जयशंकर ने जब इसे ‘सिलेक्टिव टारगेटिंग’ और 'अन्यायपूर्ण' कहा तो सिकोरस्की ने इसका समर्थन किया और कहा कि वह टैरिफ के मामले में जयशंकर के विचारों से सहमत हैं.
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