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जयपुर में इंटरनेट बंद, ड्रोन से निगरानी, आज गिराए जाएंगे मंदिर-मस्जिद-मज़ार

Jaipur Anti Encroachment Drive : जयपुर में 8 जून को जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी कुछ अवैध निर्माण किए गए धार्मिक स्थलों को तोड़ने वाली है. इसके लिए इंटरनेट को बंद कर दिया गया है ताकि सोशल मीडिया के ज़रिए कोई अफवाह न फैलाई जाए. भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है.

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जयपुर में एक अवैध नूरानी मस्जिद को गिराया जा रहा है. (फोटो-इंडिया टुडे)

राजस्थान के जयपुर में हज़ारों की संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है, ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. ये तैयारी आज यानी 8 जून के लिए है. जब जयपुर में अवैध न‍िर्माण क‍िए गए कुछ धार्मिक स्थलों को तोड़ा जाएगा. करीब 3 हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अल्टीमेटम पहले ही दिया जा चुका है कि अगर हिंसा की कोशिश हुई, या सोशल मीडिया की मदद से अफवाह फैलाने की कोशिश हुई तो सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा. लेकिन ऐसा क्यों किया जा रहा है? पूरे एरिया के लिए गाइडलाइंस दे दी गई हैं.

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आज तक से जुड़े देव अंकुर की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के नंदपुरी इलाके में सड़क चौड़ी करने की तैयारी चल रही थी. ये प्लानिंग काफी समय से चल रही है. काम भी शुरू हो गया. लेकिन, मस्जिद वाले एरिया को छोड़ दिया गया. इसे लेकर लोगों ने लगातार राज्य सरकार को टारगेट करना शुरू कर दिया. कहा जाने लगा कि जब मस्जिद सड़क के बीच में आ रही है, तो उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया गया?

तमाम आरोपों के बाद मस्जिद और उस एरिया में आने वाले दूसरे धार्मिक स्थलों को नोटिस भेजा गया. अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर कई बार नोटिस भेजा गया कि आप खुद ही अवैध हिस्से को हटा लें. लेकिन फिर भी कानून का पालन नहीं हुआ. इसलिए अब नूरानी मस्जिद को तोड़ा जा रहा है.

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पुलिस ने क्या बताया? 

पुलिस एकदम सख्त है. साफ संदेश है कि अगर अफवाह फैलाने की कोशिश हुई या माहौल बिगाड़ा गया तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा. एक बात और बता दें कि जिस पर बुलडोजर चलाया जाएगा, उसमें नूरानी मस्जिद अकेली नहीं है. लिस्ट में और भी नाम हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मज़ार को तोड़ा जाएगा. बताया गया कि ये धार्मिक स्थल सड़क के राइट ऑफ वे, यानी सड़क की सीमा में आ रहे हैं. ASP सरोज धायल ने बताया,

‘आज की कार्रवाई JDA (जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा अतिक्रमण रोकने के लिए की गई है. बिल्डिंग गिराए जाने के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है. हम केवल यहां JDA की मदद के लिए हैं. सुबह की पहली किरण के साथ हम यहां पहुंचे थे और दोपहर तक एक बिल्डिंग गिराई जा चुकी है.’

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पुलिस का कहना है कि मस्जिद को पहले भी कई बार नोटिस भेजा जा चुका है. लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया. दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक रफीक खान का दावा है कि मस्जिद का निर्माण सारे नियमों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. ASP के मुताबिक, डेमोलिशन का काम शुरू हो चुका है और फिलहाल मामला कंट्रोल में है. 

वीडियो: जयपुर में मस्जिद के बाहर पथराव, इंटरनेट बंद, आखिर क्यों मचा है बवाल?

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