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ट्रंप की डेडलाइन ख़त्म होने से पहले ईरान ने भारत को फ़ोन मिलाया, जयशंकर से क्या बात हुई?

Iran-India Talks: भारत में ईरान एम्बेसी ने बताया कि भारतीय विदेश मंत्री और ईरानी विदेश मंत्री की फ़ोन पर बात हुई है. दोनों देशों के रिलेशन्स और जंग की हालात को लेकर बात हुई. ईरान के अलावा भारत की कतर और UAE से भी बात हुई है.

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जब से युद्ध शुरू हुआ है, ये छठी बार है जब भारत और ईरान के बीच फोन पर बात हुई. (फोटो-@Iran_in_India)

पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच ईरान ने भारत को फ़ोन मिलाया है. एक तरफ ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकियों से डील कर रहा है. दूसरी तरफ अपने कूटनीतिक रिश्ते मज़बूत कर रहा है. ट्रंप की दी हुई डेडलाइन भी 6 अप्रैल को ख़त्म हो रही है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची और भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर की बात हुई है.  

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एस जयशंकर ने 5 अप्रैल की रात अपने X अकाउंट पर लिखा,

‘मुझे ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची का फोन आया. फिलहाल जो हालात हैं, हमने उस पर चर्चा की.’

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इस बातचीत के बारे में भारत में ईरान एंबेसी ने भी पोस्ट किया. लिखा, 

‘ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने भारत के विदेश मंत्री जयशंकर से फोन पर बात की. इस बातचीत में दोनों देशों के रिलेशन्स और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर चर्चा हुई.’

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जब से युद्ध शुरू हुआ है, ये छठी बार है जब भारत और ईरान के बीच फोन पर बात हुई. ईरान के अलावा भारत की कतर और UAE से भी बात हुई. 

उधर, प्रेसिडेंट ट्रंप 6 अप्रैल वाली डेडलाइन से पहले ही कई बार ईरान को धमका चुके हैं. हालिया धमकी में वो गाली-गलौज पर उतर आए. किस जगह किस दिन हमला किया जाएगा, ये भी बताया. सोशल मीडिया पर लिखा,

'मंगलवार, 7 अप्रैल को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा. होर्मुज खोलो, वरना जहन्नुम में रहोगे. बस देखते रहो. प्रेज़ बी टू अल्लाह.'

वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि अगर ईरान मंगलवार शाम तक कोई डील नहीं करता है तो उसके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और ना ही कोई पुल रहेगा. उधर ईरान पर ट्रंप की धमकियां बेअसर हो रही हैं. ईरान के कल्चर मिनिस्टर सैयद रज़ा सालीही-अमीरी ने एसोसिएटेड प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, 

‘आमतौर पर ईरान के लोग उनकी (ट्रंप) बातों पर ध्यान नहीं देते. उनके पर्सनल बिहेवियर, उनकी बातों और वो जो काम करते हैं, उनमें आपस में कोई बैलेंस नहीं है. विरोधाभास रहता है. ट्रंप ऐसे इंसान बन गए हैं, जिन्हें ना तो ईरानी समझ पा रहे हैं. और, ना ही अमेरिकी लोग समझ पा रहे हैं.’

ईरान के मंत्री ने इस बात को भी दोहराया कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ केवल दुश्मन देशों के लिए बंद है, बाकी देशों के लिए रास्ता पहले की तरह खुला है. ईरान ने 10 दिन पहले 'फ्रेंडली नेशंस' की एक लिस्ट दी थी. लिस्ट में भारत, चाइना, रशिया, इराक, और पाकिस्तान का नाम है जिनके लिए ये रास्ता खुला है.

वीडियो: दुनियादारी: क्या ईरान ट्रंप को होर्मुज के जरिए हरा देगा?

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