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चलती ट्रेन में हवन और पूजा-पाठ, वीडियो वायरल होने पर बवाल, रेलवे ने दी सफाई

Train viral video: नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल की ओर जा रही एक ट्रेन का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के फर्श पर बैठकर हवन कुंड और पूजा सामग्री के साथ रुद्राभिषेक करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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ट्रेन के सैलून कोच में पूजा-पाठ ने सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया है. (फोटो-स्क्रीनग्रैब)

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  • उत्तर रेलवे ने पुष्टि की कि वीडियो में दिखाया गया रुद्राभिषेक एक निजी बुक किए गए सैलून कोच में हो रहा था, न कि सामान्य यात्री डिब्बे में, जिसमें कमर्शियल रन की अनुमति थी।
  • सैलून कोच की बुकिंग IRCTC के माध्यम से की गई थी और इसकी कीमत 3 लाख 8 हजार 580 रुपये थी, जो 10 जुलाई को ट्रेन संख्या 12926 में नई दिल्ली से मुंबई के लिए जोड़ा गया था।
  • रेलवे ने कहा कि इस घटना में किसी दुर्घटना या चोट की सूचना नहीं मिली है और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, साथ ही सैलून कोच सामान्य डिब्बों से अलग और आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

इंटरनेट पर एक वीडियो तैर रहा है. वीडियो में एक पुजारी है, कुछ लोग हैं और रुद्राभिषेक के साथ पूजा-पाठ चल रहा है. लेकिन ये सब कुछ चलते-चलते हो रहा है. माने वीडियो ट्रेन के एक कोच का है जिसमें एक पुजारी ट्रेन के फर्श पर बैठकर हवन कुंड के साथ रुद्राभिषेक करते दिखाई दे रहे हैं. अब इस वीडियो ने सुरक्षा और भारतीय रेल के नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.  

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वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद उत्तर रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी कर इसका पूरा सच बताया है. रेलवे ने कहा कि ये पूजा किसी सामान्य यात्री कोच, जैसे जनरल, स्लीपर या एसी डिब्बे में नहीं हो रही थी, बल्कि एक निजी तौर पर बुक किए गए ‘सैलून कोच’ में आयोजित की गई थी.

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भारतीय रेल ने क्या बताया? 

उत्तर रेलवे ने X पर ल‍िखा,

‘इस सैलून कोच की बुकिंग 8 जुलाई को IRCTC के जरिए की गई थी. संबंधित पक्ष ने कमर्शियल बुकिंग के तहत 3 लाख 8 हजार 580 रुपये का एडवांस पेमेंट किया था. इस कोच को 10 जुलाई को ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल (बांद्रा टर्मिनस) तक की वन-वे यात्रा के लिए जोड़ा जाना था.’

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उत्तर रेलवे का बयान. 

रेलवे ने बताया कि 10 जुलाई को नियमों के आधार पर सैलून कोच के कमर्शियल रन की अनुमति जारी की गई थी. रेलवे ने माना कि यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना ही उनकी प्राथमिकता है. रेलवे के मुताबिक, इस घटना में किसी के घायल होने या किसी तरह की दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है. 

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सैलून कोच कैसा दिखता है?

सैलून कोच सामान्य डिब्बों से बिल्कुल अलग होते हैं और इन्हें अक्सर चलते-फिरते फाइव स्टार होटल रूम की तरह देखा जाता है. पहले इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से रेलवे के सीन‍ियर अफसरों के इंस्पेक्शन वि‍ज‍िट के लिए किया जाता था, लेकिन अब इन्हें आम लोगों के लिए भी किराए पर उपलब्ध कराया जाता है.

इन सैलून कोच में आमतौर पर दो बेडरूम, एक लिविंग एरिया, डाइनिंग स्पेस और आधुनिक सुविधाओं से लैस अटैच्ड बाथरूम होते हैं. इसके अलावा इनमें एक छोटा क‍िचन भी होता है, जहां यात्रियों की पसंद के मुताबिक खाना तैयार किया जा सकता है.

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