हरियाणा के गुरुग्राम में रिटायर्ड आर्मी कर्नल को पीटने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित रिटायर्ड सेना अधिकारी ने आरोप लगाया कि गाड़ियों की मामूली टक्कर में 5-6 लोगों ने उन्हें बीयर की बोतलों से मारा. उन्होंने कहा कि खुद को रिटायर आर्मी अधिकारी बताने के बावजूद युवकों ने उन्हें पीटा और कहा कि हमारे घर के लोग भी फौज में थे.
'हम जमींदार के बेटे... ', कहकर रिटायर्ड कर्नल को गुरुग्राम में बीयर की बोतलें मारीं, बुरा हाल किया
Gurugram Retired Army Colonel Assaulted: छोटा सा एक्सीडेंट होने के बाद आरोपी लड़के रिटायर्ड कर्नल को अपनी Hyundai i20 कार में ले गए. खूब पीटा. कर्नल ने आरोपियों से पैसों के बदले छोड़ने की बात कही. इसके बाद उन्होंने UPI से 30,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए.


NDTV के साथ बातचीत में पीड़ित रिटायर्ड आर्मी कर्नल अनिल यादव ने बताया कि उन्होंने आरोपियों से कहा था कि अगर उनकी गाड़ी में कुछ डैमेज हुआ है, तो वे पैसा देने के लिए तैयार हैं. आरोप है कि इसके बावजूद युवकों ने उन्हें पीटा और जबरदस्ती UPI के जरिए उनसे 30,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए.
आर्मी कर्नल (रिटायर्ड) अनिल यादव ने कहा,
ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था. मैंने उनसे कहा कि मैं पैसे दे दूंगा... उन्होंने कहा कि वे कार बाद में देखेंगे लेकिन पहले मुझे देखेंगे... उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया, मुझे बाहर निकाला, मेरा मोबाइल फोन, चाबी और मेरी तांबे की पानी की बोतल छीन ली, जिससे उन्होंने मेरे सिर पर मारा. उन्होंने मेरा सिर मेरी कार पर मारा.
अनिल यादव ने आरोप लगाया कि आरोपी नशे में थे और उन्होंने शेखी बघारते हुए कहा कि उन्हें मिलिट्री की परवाह नहीं है. अनिल यादव आगे बताते हैं,
मैं उनसे कह रहा था कि मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा कि एक्सीडेंट हुआ है. मैं इसका खर्च उठाऊंगा. और दूसरी बात, मैं आर्मी का वेटरन हूं. जिस बात ने मुझे बहुत परेशान किया, वह यह थी कि उन्होंने कहा 'हम भी जमींदार के बेटे हैं, हमारे भी चाचा, ताऊ फौज में थे और हमें भी फौजी से कोई मतलब नहीं है.'
उन्होंने आगे बताया कि ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से आरोपी उन्हें अपनी Hyundai i20 कार में ले गए. हालांकि, आर्मी अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पहले उनकी ही कार चलाने की कोशिश की थी, लेकिन स्टार्ट नहीं कर सके. उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उन्हें पैसों के बदले छोड़ने की बात कही. उन्होंने UPI से पेमेंट करने को कहा, क्योंकि इससे बाद में आरोपियों का पता लगाया जा सकता था.
पीड़ित सेना अफसर ने बताया कि उन्होंने आरोपियों को UPI से 30,000 रुपये दे दिए. उन्होंने कहा कि शायद पास से गुजरते किसी शख्स ने ही पुलिस को खबर की. जब वे अस्पताल में भर्ती हो चुके थे, पुलिस तब आई. उन्हें मेडिकल इमरजेंसी ट्रीमटमेंट देकर भर्ती किया गया था.
इस मामले में पुलिस ने पंकज (23 साल), विकास (21 साल) और निखिल (21 साल) को गिरफ्तार किया है, जो रेवाड़ी के रहने वाले हैं. इनके अलावा साहिल (22 साल) और अंकित कुमार (22 साल) की भी गिरफ्तारी हुई है, जो महेंद्रगढ़ में रहते हैं. पंकज, साहिल और अंकित एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, जबकि विकास BA और निखिल B.Com सेकेंड ईयर का छात्र है.
आर्मी अफसर ने दुख जताते हुए कहा, "जब ऐसे लोग वर्दी वाले या खुद को पूर्व सेना अधिकारी बताने वाले के खिलाफ ऐसा करते हैं, तो मैं समझ सकता हूं कि वे सड़कों पर आम लोगों या सड़क पर एक जवान लड़की के साथ क्या कर सकते हैं." उन्होंने कहा कि पता नहीं समाज कहां जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजकल युवा अपने बड़ों या यूनिफॉर्म वाले लोगों को जरा भी अहमियत नहीं देते.
घटना शनिवार, 21 फरवरी की है. 50 साल के अनिल यादव गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल से अपने बीमार पिता को देखने के बाद अकेले लौट रहे थे. शिकायत में उन्होंने बताया कि सड़क पर उनकी कार के दायीं ओर चल रही एक दूसरी कार अचानक बायीं लेन में मुड़ गई. उन्होंने ब्रेक लगाने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद दोनों गाड़ियों की हल्की-सी टक्कर हो गई. आरोप है कि इसके बाद 5-6 युवकों ने उनके साथ मारपीट की.
गुरुग्राम पुलिस के PRO संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में गुरुग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों ने एक व्यक्ति पर हमला किया है. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस टीम मौके पर गई थी और जांच में सेक्टर 50 पुलिस स्टेशन की टीम ने सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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