गुरुग्राम हिट एंड रन मामले के आरोपी कल्याण बैंसला ने इस घटना के लिए पीड़ित महिला बाइकर को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है. उसने कहा कि महिला के साथ और भी लोग थे जो ‘उनके पास से बाइक तेजी से चलाकर निकल रहे थे, फिर स्लो स्पीड कर लेते थे'. बैंसला ने दावा कि असल में पीड़ित और उसके साथ के बाइकर्स उसे और कार में मौजूद बाकी लोगों को 'परेशान' रहे थे. उसने अपने बचाव में कहा कि वो हर किसी को टक्कर नहीं मारता और उसे नहीं पता था कि बाइक एक लड़की चला रही है.
'वो परेशान कर रहे थे, पूरा वीडियो नहीं है', महिला बाइकर को टक्कर मारने वाले कल्याण बैंसला के बड़े दावे
Gurugram hit and run: गुरुग्राम में हिट एंड रन का एक मामला सामने आया. अब आरोपी का कहना है कि उसने जानबूझकर टक्कर नहीं मारी. कंट्रोल से बाहर चीजें हो गई थीं. दो बाइकर बार-बार उनकी गाड़ी के सामने आ रहे थे.

आरोपी कल्याण बैंसला ने अपने एक दोस्त मनीष की गाड़ी ली थी. मनीष भारतीय सेना में तैनात हैं. इंडिया टुडे से जुड़े सचिन गौड़ से बात करते हुए बैंसला ने कहा कि कार में वे चार लोग थे. उनकी बुआ का लड़का, मौसी का लड़का और दीदी. रविवार, सुबह करीब 7 या 8 बजे के पास ये घटना हुई थी. बैंसला का कहना है कि घटना का पूरा वीडियो ऑनलाइन पोस्ट नहीं किया गया.
उसने कहा,
“बाइकर्स साइड में से बहुत जोर-जोर चलाकर कई बार ले गए. फिर स्लो कर देते थे. वो पिंच कर रहे थे. मैंने कहा कि कोई नहीं रहने दो. मुझे ये भी नहीं पता कि उसमें लड़की थी. वो 22-23 जने थे टोटल. इस वीडियो में दो ही क्यों दिखाए? अगर बात मेरे परिवार तक आएगी तो मैं जरूर बोलूंगा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है. मेरे नाम पर आज तक कोई केस नहीं है. वे लोग बार-बार मेरे आगे आ रहे थे और फिर बाइक धीमी कर रहे थे. 10 मिनट तक चला था ये सब. क्या मैं लड़कियों को ठोकता फिर रहा हूं?”
आरोपी कल्याण ने बताया,
“मैंने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की. मैं झूठ नहीं बोलता ना बोलूंगा. आप वहां के सीसीटीवी फुटेज निकाल लो. मैंने दोनों से बोला कि अच्छा है बढ़िया है. लेकिन आप टीज मत करो. जब मैं उनसे आगे निकल गया था, तो वो आगे क्यों आई. मैंने जानबूझकर नहीं मारा.”
कल्याण बैंसला का कहना है कि घटना के बाद वो रेड लाइट पर रुका था. लेकिन भाई ने कहा कि यहां रुकेंगे तो उनके साथ मारपीट हो सकती है. इसके बाद वहां से कार निकालकर ले गए. उन्हें बाद में पता लगा कि वो महिला राइडर थी. उन्होंने भाई से कहा कि जो भी हुआ, उसका दुख हुआ है.
‘अकल तो सिखानी चाहिए’उधर पीड़िता के पिता ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी ही नहीं थी. जब मीडिया वाले घर आए तो पता लगा. उन्होंने वीडियो दिखाया. बाद में बेटी से बात हुई, उसने बताया कि कार में बैठे लोगों को डिस्टेंस बनाने के लिए कहा था. उन्होंने कहा,
“शुकर है बेटी को चोट नहीं आई. लेकिन जिसने भी ये किया है उनके घर भी बहन, मां और रिश्तेदार रहते हैं. जिस तरह से वो गाड़ी चला रहा था. जैसे उसने हिट किया है वो बिल्कुल भी बर्दाश्त करने वाली बात नहीं है. यह बहुत बड़ा क्राइम है. बख्शने लायक नहीं है. पुलिस को अकल तो सिखानी चाहिए. मेरी बेटी को शाबाशी देना चाहूंगा कि उसने बहादुरी का काम किया.”
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पीड़ित महिला के भाई दिपांकर चौहान ने बताया कि हिट एंड रन केस के बाद उनकी बहन को मेंटली रिकवर होने में टाइम लग रहा है. सोते समय बार-बार उसके दिमाग में एक्सीडेंट आ रहा है. दिपांकर ने कहा कि उनकी बहन एक साल से बाइक चला रही है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है.
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