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जहां लिव-इन पार्टनर की पीटकर हत्या की, गुजरात पुलिस ने वहीं ले जाकर आरोपी को लाठियों से पीटा: VIDEO

Gujarat के Bhavnagar में अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने बस स्टैंड पर सरेआम लाठियों से पीटा. यह कार्रवाई क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान हुई, जिसका वीडियो वायरल है. क्या है पूरा मामला?

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पुलिस द्वारा आरोपी को पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है. (फोटो: ITG)

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  • गुजरात के भावनगर में पुलिस ने क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन के दौरान बस स्टैंड पर आरोपी फैसल की पिटाई की, जिसके बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
  • पिटाई की घटना आरोपी पर लिव-इन पार्टनर काजलबेन को पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप के बाद हुई, जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और पहले के आदेशों में इस तरह की कार्रवाई पर प्रतिबंध हैं।
  • इस घटना के कारण पुलिस की कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठे हैं और मामले की जांच जारी है, जिसका असर आगामी पुलिस प्रथाओं और मनमाने कस्टडी हिंसा पर पड़ सकता है।

गुजरात के भावनगर में पुलिस ने एक शख्स को बस स्टैंड पर लाठियों से जमकर पीटा. आरोप है कि शख्स ने इसी बस स्टैंड पर अपनी लिव-इन पार्टनर की पीट-पीटकर हत्या की थी. पुलिस आरोपी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएट करने पहुंची थी, ताकि घटनाक्रम को फिर से समझा जा सके. सीन रीक्रिएट करने के बाद पुलिस ने सबके सामने आरोपी की पिटाई की. अब इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

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पुलिस ने आरोपी को पीटा

इंडिया टुडे से जुड़े नितिन गोहिल की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 सितंबर को भावनगर शहर के ‘एसटी बस स्टैंड’ पर ‘क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन’ के दौरान पुलिस ने आरोपी को सबके सामने पीटा. आरोपी की पहचान 20 साल के फैसल उर्फ ​​खटकी लखानी के तौर पर हुई है.

आरोप है कि नीलमबाग पुलिस इंस्पेक्टर डीपी उनादकट भी इस पिटाई में शामिल थे. फैसल को पुलिस ने सरेआम पीटा, तो पुलिस इंस्पेक्टर डीपी उनादकट ने खुलकर पुलिस के इस कदम का बचाव किया. इंस्पेक्टर डीपी उनादकट ने दैनिक भास्कर इंग्लिश से टेलीफोन पर कहा,

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"उसे सबके सामने सजा दी गई, ताकि यह पक्का हो सके कि किसी और महिला के साथ ऐसा न हो."

पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल?

भावनगर में पुलिस ने हत्या के आरोपी को खुलेआम तब पीटा, जब इस साल मई में ही गुजरात के पूर्व इंचार्ज DGP डॉ. केएलएन राव ने सख्त लिखित आदेश जारी किए थे. इसमें कहा गया था कि अगर कोई पुलिसवाला किसी आरोपी को सरेआम परेड कराता है, या आरोपी की बेइज्जती करता है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है.

इसके अलावा, 'डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट की मशहूर गाइडलाइंस (डीके बसु गाइडलाइंस) है. इसके अनुसार, पुलिस कस्टोडियल हिंसा के मामले में पुलिस हिरासत या सार्वजनिक जगह पर किसी को भी शारीरिक या मानसिक टॉर्चर करना एक गंभीर कानूनी अपराध है.

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क्या है पूरा मामला?

नीलमबाग थाने की पुलिस ने फैसल को काजलबेन बरैया की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है. काजलबेन 40 साल की महिला थीं और वह पिछले कुछ समय से उसके साथ रह रही थीं. पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर को बस स्टैंड पर हमले में काजलबेन गंभीर रूप से घायल हो गईं. 4 सितंबर को अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

घटना को फिर से दोहराने (क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन) के लिए आरोपी को उस जगह ले जाया गया, जहां हमला हुआ था, ताकि पुलिस घटनाक्रम को फिर से समझ सके और जान सके कि झगड़ा कैसे हुआ.

सीन रीक्रिएट करने के बाद बस स्टैंड पर सबके सामने पुलिस वालों ने आरोपी की पिटाई की. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बस स्टैंड पर पुलिसकर्मियों से घिरा हुआ दिख रहा है. उसे काबू में करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

यह मामला 3 सितंबर की दोपहर का है. पुलिस के मुताबिक, फैसल को शक था कि काजलबेन और उसके दोस्त रवि के बीच कोई रिश्ता है. हालांकि, रवि ने पुलिस को बताया कि झगड़ा शराब पीने को लेकर हुआ था. यह झगड़ा जल्द ही हिंसक मारपीट में बदल गया. 

पुलिस ने बताया कि फैसल ने काजलबेन को जमीन पर गिरा दिया और उसे कई बार लात-घूंसे मारे. इससे उसके सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोटें आईं. रवि ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उस पर भी हमला किया गया और उसे भी चोटें आईं. बस स्टैंड पर लगे CCTV कैमरों में यह हमला रिकॉर्ड हो गया. अगले दिन पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई.

Gujarat police thrash man who beat partner to death
(फोटो: ITG)

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काजलबेन की मां की शिकायत पर पुलिस ने फैसल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड पर भी ध्यान दिया है, जिसमें लूटपाट और मारपीट से जुड़े मामले शामिल हैं. आरोपी की सबके सामने कथित तौर पर की गई पिटाई भी जांच के दायरे में आ सकती है.

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