गुजरात के मोरबी में एक कुएं का पानी अपनेआप हिलोरे मार रहा है. इस घटना ने लोगों को हैरत में डाल दिया है. दूर-दूर से लोग कुएं में हो रही हलचल को देखने आ रहे हैं. यह कुआं वीरपरडा गांव के किसान प्राणजीवनभाई सादरिया के खेत में बना है.
मोरबी में कुएं का पानी अपनेआप हिलोरे मार रहा, वैज्ञानिकों ने क्या बताया?
Gujarat Morbi shaking well: बताया गया कि सबसे पहले रविवार और सोमवार को पानी हिलता हुआ देखा गया था. मंगलवार को वह शांत रहा. मगर बुधवार और गुरुवार के दिन फिर कुएं का पानी तेज लहरों की तरह हिलने लगा.

बताया गया कि सबसे पहले रविवार और सोमवार को पानी हिलता हुआ देखा गया था. मंगलवार को वह शांत रहा. मगर बुधवार और गुरुवार के दिन फिर कुएं का पानी तेज लहरों की तरह हिलने लगा.
इस घटना ने लोगों के मन में कई सवालों को जन्म दे दिया. जो पानी हमेशा शांत रहता था, उसमें यह हलचल कैसी? क्या यह भूकंप की शुरुआती चेतावनी है? या फिर कुछ और? वैज्ञानिकों ने इसका जवाब निकाला है. बताया है कि पानी के इधर-उधर भागने का कारण हवा हो सकती है.
इंडिया टुडे से बात करते हुए डिस्ट्रिक्ट जियोलॉजिस्ट जेएस वाधेर ने भूकंप की बात को नकार दिया. कहा कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे पता चले कि यह हलचल भूकंप या टेक्टोनिक मूवमेंट के कारण हुई थी. फिर उन्होंने बताया कि यह घटना हवा के कारण हो सकती है. वाधेर ने कहा,
गुजरात में ज्यादा बारिश बनी घटना की वजह?"यह भूकंपीय गतिविधि नहीं है. पहली नजर में ऐसा लगता है कि ऊपर की तरफ भारी बारिश के बाद ग्राउंड वाटर रिचार्ज हो रहा है. चट्टानों की खाली जगहों में फंसी हवा बाहर निकल रही है. इससे कुएं में यह हलचल हो रही है."
अधिकारियों के मुताबिक, ऊपरी इलाकों में हाल ही में हुई भारी बारिश से जमीन के नीचे पानी का स्तर (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) काफी बढ़ सकता है. जब पानी जमीन के नीचे चट्टानों की परतों में रिसता है, तब यह दबाव डाल सकता है. यह दबाव फंसी हुई हवा को दरारों और खाली जगहों से बाहर धकेल सकता है. ऐसे में जब हवा बाहर निकलेगी, तो यह पानी की सतह पर बुलबुले और लगातार लहरें बना सकती है.
इस साल गुजरात में मानसून सामान्य से ज्यादा रहा है. कई राज्यों में भारी बारिश हुई. अरब सागर और मध्य भारत के ऊपर लगातार बने कम दबाव की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश हुई है. इससे सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई. राज्य भर में नदियों और जमीन के नीचे पानी के स्तर में काफी बढ़ोतरी हुई.
मामले की जांच करेंगे वैज्ञानिकमोरबी के कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि गुजरात सरकार को घटना की जानकारी दी गई है. गांधीनगर से एक साइंटिफिक टीम जांच के लिए घटनास्थल का दौरा करेगी. जानकारों का कहना है कि जमीन के नीचे के पानी से जुड़ी ऐसी घटनाएं आम नहीं हैं. लेकिन भारी बारिश के दौरान, एक्विफर (जमीन के नीचे मौजूद पानी को जमा और बहने देने वाली प्राकृतिक परत) रिचार्ज होता है, तब पानी में यह हलचल हो सकती है.
वैज्ञानिक मामले में अन्य संभावनाओं की Yr जांच कर सकते हैं. जैसे,
- भारी मानसून रिचार्ज की वजह से भूजल के दबाव में उतार-चढ़ाव.
- क्या कुएं के अनोखे आकार और गहराई के कारण भूमिगत दबाव तरंगों का असर बढ़ गया, जिससे पानी में हलचल हुई?
- क्या कुआं जमीन के नीचे किसी दरार या खाली जगह से जुड़ा है. जिससे सतह के नीचे होने वाले बदलावों के कारण उसने प्रतिक्रिया दी?
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फिलहाल अधिकारियों का मानना है कि भूजल रिचार्ज और फंसी हुई हवा का निकलना ही इसके पीछे की सबसे संभावित वजह है. आगे जांच की जा रही है.
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