उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक प्राइवेट स्लीपर बस में आग लगने कारण 9 लोगों की मौत हो गई है. अब प्रत्यक्षदर्शियों ने अपनी आपबीती सुनाई है. उनके मुताबिक, बस में पहले से ही कुछ जलने की बदबू आ रही थी. यात्रियों ने इस बारे में ड्राइवर और कंडक्टर को जानकारी भी दी थी. लेकिन, उनका आरोप है कि समय रहते कोई एक्शन नहीं लिया गया. घटना 23 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे हुई. राज कल्पना ट्रेवल्स की बस दिल्ली से महोबा जा रही थी.
'ड्राइवर मान लेता बात तो बच जाती जान...' यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे के यात्रियों ने बताई आपबीती
Greater Noida Yamuna Expressway: दिल्ली से महोबा जा रही बस में लगी भयानक आग में 9 यात्रियों की मौत हो गई. आग लगने के बाद एक बस यात्री सुनील कुमार ने FIR दर्ज करवाई है. शिकायत के मुताबिक, ड्राइवर और कंडक्टर को बस में जलने की बदबू आने की जानकारी दी थी.

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में यात्रियों की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज की गई है. बस में सवार सुनील कुमार के मुताबिक बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे. उन्होंने बताया कि करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के दौरान ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने की बदबू आने लगी.
FIR में सुनील ने क्या बताया?शिकायत के मुताबिक, कुछ यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को बस में जलने जैसी बदबू आने की जानकारी दी. आरोप है कि ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि बस में इस तरह की बदबू आती रहती है. FIR में ड्राइवर-कंडक्टर पर आरोप लगाया गया है कि वो बस चलाते समय बीड़ी या सिगरेट पी रहे थे.
यात्री सुनील का कहना है कि कुछ ही देर बाद बस के अंदर से आग की लपटें उठने लगीं. यात्रियों ने बस रोकने के लिए भी कहा था, मगर ड्राइवर ने इस पर ध्यान नहीं दिया. इसके बाद आग तेजी से फैल गई और पूरे बस में धुंआ भर गया.
उन्होंने आगे बताया कि जब कुछ देर बाद बस रुकी तो कुछ लोगों ने खिड़की से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई जबकि कुछ अंदर ही फंसे रह गए. उनका कहना है कि अगर बस समय पर रुक जाती तो बाकी लोगों को भी निकालने का समय मिल जाता.
ये भी पढ़ें: लखनऊः यात्रियों से भरी बस में अचानक लगी आग, 5 यात्रियों की जलने से मौत, बाकियों ने कूदकर बचाई जान
एक और प्रत्यक्षदर्शी रिंकी राजपूत ने बताया कि घटना के वक़्त वो बस में सो रही थीं. रिंकी ने बताया कि जब वह बाहर निकलने लगीं, तब तक बस में काफी भीड़ हो चुकी थी. लोग अंदर एक दूसरे को धक्का दे रहे थे और इसी बीच वो भी बस से बाहर निकल आईं. उन्होंने बताया कि वो अपना कोई सामान साथ नहीं ला पाईं यहां तक कि जूते भी नहीं पहन पाईं. केवल फोन लेकर बस से बाहर आ गईं. रिंकी ने भी कन्फर्म किया कि बस के आगे वाले हिस्से में ही आग लगी थी.
एक और प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वो भी घटना के दौरान सो रहे थे. वे सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे थे और आग आगे वाले हिस्से में लगी थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद ड्राइवर और कंडक्टर के फरार होने की भी बात सामने आई है. लोगों ने फायर एक्सटिंगिशर से आग बुझाने की कोशिश की और शीशा तोड़कर बाकी लोगों को बाहर निकाला. फिलहाल जांच चल रही है, जिसके बाद ही आग लगने की असली वजह पता चल सकेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के घरवालों को दो लाख रुपये देने का ऐलान किया है.
वीडियो: ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर डेथ केस में परिवार ने क्या खुलासे किए?









