The Lallantop

'बॉलीवुड की वॉर मूवीज में सच नहीं', पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे की बात बहुतों को चुभ जाएगी

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का मानना है कि बॉलीवुड में बनने वाली वॉर फिल्मों में युद्ध को रोमांटिसाइज किया जाता है. उन्होंने कहा कि बॉलीवुड की वॉर फिल्मों से आम लोगों में ऐसी धारणा बनती है कि किसी देश से युद्ध करना आम बात है, लेकिन सच्चाई इससे बिलकुल ही उलट है.

Advertisement
post-main-image
जनरल नरवणे ने बॉलीवुड वॉर मूवीज पर अपनी राय दी है. (इंडिया टुडे)

पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे ने बॉलीवुड में बनने वाली वॉर मूवीज पर अपनी राय दी है. उनका कहना है कि बॉलीवुड फिल्मों में वॉर का सही पोट्रेयल नहीं होता. इन फिल्मों में सच्चाई दिखाने के बजाय वॉर को रोमांटिसाइज किया जाता है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे से उनकी पसंदीदा वॉर मूवी के बारे में पूछा गया. जनरल नरवणे ने इसके जवाब में 'द लॉन्गेस्ट डे' मूवी का नाम लिया. उन्होंने बताया, 

मेरे हिसाब से द लॉन्गेस्ट डे. ये नॉर्मडी में हुई डी-डे लैंडिंग के बारे में है. ये फिल्म मुझे सबसे अच्छी लगती है. वो ना सिर्फ एक बड़ा मिलिट्री कैंपेन था. इसके साथ ही दूसरे विश्व युद्ध के अंत की भी शुरुआत हो गई. इस फिल्म में जो पोट्रेयल है वो मुझको सबसे ज्यादा रियलिस्टिक लगा. जो खासकर बॉलीवुड वाले वॉर मूवी होती हैं वो थोड़ा गलत पिक्चर...

Advertisement

इसके बाद कॉरेसपोंडेंट ने उनसे पूछा कि क्या बॉलीवुड की कोई वॉर मूवी नहीं है जो उनकी फेवरिट या फेवरिट में से एक हो. इसके जवाब में पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि नहीं क्योंकि उनमें सच्चाई नहीं दिखाते. उन्होंने आगे कहा, 

सच्चाई ये है कि वॉर इज ए वेरी ब्लडी गेम. वे इसको रोमांटिसाइज करके दिखाते हैं जिससे लोगों को गलत आइडिया मिलता है कि युद्ध करना या लड़ाई करना किसी के साथ आम बात है. लेकिन ऐसा नहीं है. किसी के ऊपर वॉर डिक्लेयर करना या अटैक करना बड़ा सोच समझ कर करना चाहिए. वॉर शुड बी दि लास्ट रिजॉर्ड नॉट दि फर्स्ट रिजॉर्ट.

'द लॉन्गेस्ट डे' मूवी में क्या है?

Advertisement

'द लॉन्गेस्ट डे' सेकेंड वर्ल्ड वॉर पर बनी सबसे मशहूर वॉर मूवीज में से एक है. ये कॉर्नेलियस रयान की किताब 'द लॉन्गेस्ट डे' पर बेस्ड है. यह 6 जून 1944 की कहानी है. इस दिन मित्र राष्ट्रों (Allied Countries) ने नाजी जर्मनी के खिलाफ यूरोप को आजाद कराने के लिए नॉर्मडी में ऐतिहासिक हमला किया था. इस अटैक को डी-डे (D-Day) अटैक के नाम से जाना जाता है. इस फिल्म में युद्ध के दौरान दोनों पक्षों (मित्र राष्ट्र और जर्मनी सेना) की स्ट्रैटजी, गलतियां और लड़ाई को रियलिस्टिक ढंग से दिखाया गया है. सिनेमैटोग्राफी और स्पेशल इफेक्ट्स के लिए इस फिल्म को दो अकादमी (ऑस्कर) पुरस्कार मिले थे. 

वीडियो: विदेश में बिक रही एमएम नरवणे की 'Four Stars of Destiny' किताब?

Advertisement