खाने-पीने की चीजों की ‘क्वालिटी चेक’ करने वाली संस्था ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) ने ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप स्विगी इंस्टामार्ट के खिलाफ 9 नोटिस जारी किए हैं. कई ग्राहकों ने ऐप से खरीदे गए सामानों के खिलाफ संस्था में शिकायत दर्ज कराई थी. ग्राहकों ने कंपनी पर खराब, एक्सपायर्ड और सड़े-गले सामानों को डिलीवर करने का आरोप लगाया. आरोपों पर FSSAI ने कंपनी से तय समय के भीतर जवाब मांगा है. जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.
'सड़े-गले' फूड आइटम्स भेज रहा था स्विगी इंस्टामार्ट! FSSAI ने 9 नोटिस भेजे
FSSAI ने Swiggy Instamart को खराब और सड़ा-गला फूड आइटम्स डिलीवरी करने के मामले में जवाब मांगा है. साथ ही तय सीमा के भीतर जवाब न देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.


देश में रोजाना लाखों लोग स्विगी इंस्टामार्ट से सामान ऑर्डर करते हैं. सामनों की क्वालिटी खराब होने पर ग्राहकों के पास FSSAI में शिकायत करने का विकल्प होता है. FSSAI देश में बिकने वाले खाने-पीने की चीजों पर निगरानी रखती है. इसे लेकर नियम बनाती है. उसका काम ये तय करना है कि देश भर में बिक रही खाने-पीने की चीजें सेफ और हेल्दी हों. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों FSSAI के पास स्विगी इस्टामार्ट के ग्राहकों की 9 शिकायतें आई थीं.
इसे लेकर FSSAI ने बताया कि शिकायतें ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ के तहत नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती हैं. इसमें एक्सपायर्ड सामानों की बिक्री, गलत ढंग से स्टोर करना, लाइसेंस के बारे में गुमराह करने वाली जानकारी देना और ग्राहकों की शिकायतों को हल न करने जैसी बातें शामिल हैं.
दरअसल, एक शिकायतकर्ता ने FSSAI को बताया कि ग्राहकों को स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए एक्सपायर्ड, सड़ा और खराब फूड आइटम डिलीवर हुआ. इसके बाद FSSAI ने जांच की. इसमें उसने पाया कि ‘NOICE Eggs’ नाम के ब्रांड की मार्केटिंग ऐसी कैटेगरी में की जा रही थी, जो FSSAI लाइसेंस में शामिल नहीं था. FSSAI ने फूड बिजनेस ऑपरेटर का (FBO) को ऑर्डर दिया कि जब तक सही लाइसेंस के दायरे में न हो, तब तक उसकी मार्केटिंग न करें. अगर जरूरत पड़े तो लाइसेंस में बदलाव के लिए अप्लाई करें.
FSSAI ने अपनी नोटिस में उन शिकायतों पर भी ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि ‘Healthify 100% Whey Protein (1kg)’ और ‘Noice Home Style Madras Mixture With Peanuts’ नाम के प्रोडक्ट्स को एक्सपायर होने के बाद भी डिलीवर किया गया. इसके अलावा भी कई प्रोडक्ट्स को लेकर FSSAI के पास ग्राहकों ने शिकायत की. इसमें बेबी फूड्स का भी नाम शामिल है. एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि खराब बेबी फूड डिलीवर किया गया. रिटर्न करने के बाद भी वापस उसी सामान की डिलीवरी की गई.
शिकायत का समाधान नहीं हुआइसके अलावा ‘Kakke Da Paratha’ नाम का एक और प्रोडक्ट खराब और बदबूदार हालत में डिलीवर किया गया, जो खाने लायक नहीं था. FSSAI ने यह भी पाया कि जब ग्राहकों ने कंपनी से अपनी समस्याओं पर शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. जबकि, एक मामले में तो सेफ्टी से जुड़ी समस्या का समाधान किए बिना उन्हें रिफंड का ऑफर दे दिया गया.
शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए FSSAI ने संबंधित FDO को आदेश दिया कि वो कथित उल्लंघनों का डॉक्यूमेंट्स के साथ स्पष्टीकरण दें. इसके अलावा संस्था ने कंपनी की क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम, फूड सेफ्टी मॉनिटरिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, स्टॉक रोटेशन, साफ-सफाई, स्टोरेज और हैंडलिंग के तरीकों और इंटरनल कंट्रोल सिस्टम के बारे में भी जानकारी मांगी है.
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साथ ही ग्राहकों की शिकायतों का समाधान के उपायों और दोबारा समस्या होने से रोकने के लिए किए गए प्रयासों की भी रिपोर्ट मांगी. FSSAI ने चेतावनी दी कि तय सीमा के भीतर मांगी गई रिपोर्ट जमा की जाए. रिपोर्ट जमा न होने पर ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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