यूपी के फिरोजाबाद की घटना है. तारीख थी 30 मई 2026. डेढ़ साल के एक बच्चे को युवक सीमेंट की बोरियों की तरह जमीन पर पटक रहा था. एक बार नहीं. दो बार नहीं. कुल 6 बार बच्चे को बेरहमी से पक्की सड़क पर पटकने के बाद वह उसे गोद में लेकर चला गया. इस बच्चे की बाद में मौत हो गई. घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ तो लोगों की रूह कांप गई. सिर्फ 18 महीने के मासूम बच्चे के साथ ऐसा कोई कैसे कर सकता है? इस ‘हत्यारे’ को तो फांसी की सजा होनी चाहिए. इस घटना के करीब 40 दिन बाद फिरोजाबाद की एक कोर्ट ने ठीक वही इंसाफ किया है, जो लोग चाहते थे. आरोपी को बच्चे की हत्या का दोषी करार दिया गया. उसे फांसी की सजा सुनाई गई.
डेढ़ साल के बच्चे को 6 बार सड़क पर पटककर मार डाला था, कोर्ट ने 40 दिन में सजा दे दी
फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या करने वाले जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को अदालत ने 40 दिन में सजा सना दी है. कोर्ट ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मानते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषी करार दिया.


मई 2026 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की इस घटना ने लोगों का दिल दहला दिया था. मामले में आरोपी 28 साल का कारोबारी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज बच्चे की मां 24 वर्षीय रति शर्मा से शादी करना चाहता था. रति ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया. वजह बताई कि उनका एक बेटा है और वह उसे छोड़ नहीं सकतीं. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद जितेंद्र बच्चे को अपने रिश्ते में रुकावट मानने लगा था. 30 मई को जितेंद्र बच्चे को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर घर से बाहर ले गया. एक सुनसान जगह पर उसने बच्चे को कई बार जमीन पर पटका. पटकने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को पहले लगा कि कोई सीमेंट की बोरियां उतारी जा रही हैं. इस घटना के बाद बच्चे की मौत हो गई.
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इस घटना के करीब 40 दिन बाद शुक्रवार, 10 जुलाई को फिरोजाबाद की अदालत ने जितेंद्र को फांसी की सजा सुनाई. भारी सुरक्षा के बीच उसे दोपहर ढाई बजे जिला-सत्र न्यायालय फिरोजाबाद लाया गया था. एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी उसकी सुरक्षा में लगाए गए थे. सुनवाई के बाद कोर्ट ने जितेंद्र को बच्चे की मौत का दोषी माना. जिला सरकारी वकील राजीव कुमार उपाध्याय ने बताया कि अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ कैटेगरी में मानते हुए उसे मौत की सजा सुनाई. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना का सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया था.
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में काफी तेजी से कार्रवाई की थी. इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र के खिलाफ मात्र 6 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. 13 गवाहों ने इसमें गवाही दी और एक बचाव पक्ष से गवाही हुई. वरिष्ठ वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि जिला जज ने जैसे ही जितेंद्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई, वह सबके सामने खुद को थप्पड़ मारने लगा.
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