तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष कुप्पुसामी अन्नामलाई (K. Annamalai) ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का समर्थन किया है और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. CJP लीडर्स सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत (judicial custody) में रखे जाने को उन्होंने कानून के खिलाफ बताया है. सौरव और आशुतोष को पहले पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. बाद में उनकी कस्टडी दो और दिन के लिए बढ़ा दी गई.
राहुल-CJP के समर्थन में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली पुलिस से बोले, 'बहुत गलत कर रहे'
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने CJP लीडर्स का समर्थन किया है और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस ने कानून अपने हाथ में लिया है.

तमिलनाडु में बीजपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे के अन्नामलाई ‘वी द लीडर्स’ मूवमेंट के संस्थापक हैं. 20 अक्टूबर, मंगलवार को उन्होंने सबको हैरान करते हुए CJP के समर्थन में बयानबाजी की. उन्होंने कोयंबटूर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा,
‘मैं अपने देश को लेकर थोड़ा चिंतित हूं. मुझे ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस ने कानून अपने हाथ में ले लिया है. जज को खुद को मामले से अलग करना पड़ रहा है. हो सकता है कि मैं CJP के विरोध करने के कई तरीकों से सहमत न होऊं. वो एक अलग बहस है लेकिन, जो सवाल CJP उठाना चाहता है, उस मामले में मैं उनका पूरा समर्थन करता हूं. इन सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए.’
उन्होंने आगे सौरव दास और आशुतोष रांका के हिरासत पर बात करते हुए कहा,
लेकिन, किसी उल्लंघन के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेना. फिर जेल में वे अपना समय कैसे बिताते हैं, इस बात को लेकर उन्हें परेशान करना. इससे तो CJP के नेता और भी मजबूत ही होंगे. दिल्ली पुलिस वास्तव में बहुत गलत कर रही है.
अन्नामलाई ने अपने बयान में राहुल गांधी का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा हक है SIR का विरोध करने का.
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CJP लीडर्स की बढ़ाई कस्टडीउनकी यह टिप्पणी दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के बाद आई है, जिसमें CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को दो और दिनों के लिए बढ़ाया गया है. अपने आदेश में अदालत ने कहा कि इन दोनों ने ‘कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया’. अदालत ने पुलिस जांच का हवाला दिया और कहा कि इन दोनों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को ‘इकट्ठा’ किया और उन्हें ‘उकसाया’, ताकि वो जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए आएं. जबकि जंतर-मंतर को अब विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है.
सौरव दास और आशुतोष रांका ने अन्य CJP कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराया था और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए थे. कोर्ट की कार्यवाही के बाद जब सौरव और आशुतोष पुलिस वैन में थे तो उन्होंने अंदर से ही चिल्ला कर कहा, ‘ये एक स्टेट ऑफ़ इमरजेंसी है.’ इसे पत्रकार स्मिता शर्मा ने रिपोर्ट किया था.
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